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नई दिल्ली/वॉशिंगटन | 31 मार्च, 2026: पश्चिम एशिया (Middle East) में युद्ध की लपटें अब बेकाबू होती दिख रही हैं। अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी सैन्य शक्ति का सबसे घातक हिस्सा मैदान में उतार दिया है। अमेरिकी सेना की सबसे खतरनाक मानी जाने वाली ’82वीं एयरबोर्न डिवीजन’ के हजारों जांबाज पैराट्रूपर्स खाड़ी देशों में पहुंचने शुरू हो गए हैं।

खार्ग द्वीप (Kharg Island) पर कब्जे का मास्टर प्लान?

रक्षा विशेषज्ञों और अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, सैनिकों की यह भारी तैनाती ईरान के सबसे महत्वपूर्ण खार्ग द्वीप को नियंत्रण में लेने या उस पर कब्जा करने की रणनीति का हिस्सा हो सकती है।

  • भारी सैन्य जमावड़ा: पिछले एक हफ्ते में 2,500 से अधिक मरीन कमांडो के साथ-साथ अब हजारों अतिरिक्त नाविक, विशेष ऑपरेशन बल और पैराट्रूपर्स की तैनाती की गई है।

  • ट्रंप का अल्टीमेटम: यह तैनाती राष्ट्रपति ट्रंप की उस चेतावनी के ठीक बाद हुई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का रास्ता नहीं खोला, तो अमेरिका उसके तेल कुओं और ऊर्जा संयंत्रों को राख में बदल देगा।

क्यों भड़का अमेरिका?

तनाव तब चरम पर पहुंचा जब ईरान ने अमेरिका के शांति प्रस्तावों को “अवास्तविक” बताकर खारिज कर दिया और इजराइल पर मिसाइलों की भीषण बौछार कर दी। इसके जवाब में अमेरिका अब ईरान की आर्थिक कमर (तेल निर्यात) तोड़ने के लिए सैन्य विकल्प पर विचार कर रहा है।

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