बंगाल चुनाव: ममता सरकार को बड़ा झटका, अधिकारियों के तबादले पर चुनाव आयोग के फैसले को कलकत्ता HC की मंजूरी
कोलकाता/नई दिल्ली | 31 मार्च, 2026: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले प्रशासनिक फेरबदल को लेकर चल रही कानूनी जंग में कलकत्ता हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा राज्य के शीर्ष पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले को चुनौती देने वाली जनहित याचिका (PIL) को खारिज कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
15 मार्च को चुनाव की तारीखों के एलान के साथ ही निर्वाचन आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला कर दिया था। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने इस फैसले के खिलाफ याचिका दायर की थी।
कोर्ट में क्या हुई दलीलें?
-
याचिकाकर्ता का पक्ष: कल्याण बनर्जी ने दलील दी कि इतने बड़े पैमाने पर तबादलों से राज्य का प्रशासनिक ढांचा चरमरा जाएगा। उन्होंने आयोग के इस कदम को “मनमाना” और “संघीय ढांचे के खिलाफ” बताया।
-
कोर्ट का फैसला: मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल और न्यायमूर्ति पार्थ सारथी सेन की खंडपीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि चुनाव के दौरान तबादले एक मानक प्रक्रिया है और आयोग के पास अनुच्छेद 324 के तहत निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए यह शक्ति सुरक्षित है।
चुनाव आयोग की कार्रवाई का असर
आयोग ने अब तक बंगाल में 173 थानों के प्रभारियों (OC/IC) और 83 ब्लॉक विकास अधिकारियों (BDO) का तबादला किया है। आयोग का तर्क है कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए यह फेरबदल जरूरी है।