कांकेर/बस्तर | 31 मार्च, 2026: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में माओवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिल रही है। कांकेर जिले में नक्सलियों के आत्मसमर्पण का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को दो और खूंखार माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता त्याग कर मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला किया।
AK-47 के साथ ‘शंकर’ और ‘हिडमा’ का सरेंडर
पुलिस अधीक्षक (SP) निखिल राखेचा ने बताया कि आज आत्मसमर्पण करने वालों में PPCM शंकर और PM हिडमा डोडी शामिल हैं। इन दोनों ने न केवल हथियार डाले, बल्कि अपने साथ एक AK-47 राइफल भी पुलिस को सौंपी है।
5 दिन, 11 आत्मसमर्पण: बस्तर आईजी की कड़ी चेतावनी
बस्तर रेंज के आईजी सुन्दरराज पट्टलिंगम ने पिछले तीन दिनों में कुल 11 माओवादियों के मुख्यधारा में लौटने का स्वागत किया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा:
“हिंसा का रास्ता छोड़ने और पुनर्वास नीति का लाभ उठाने के लिए अब समय बहुत सीमित बचा है। शेष माओवादी भी जल्द से जल्द समाज की मुख्यधारा में शामिल हों, वरना सुरक्षा बलों की कार्रवाई जारी रहेगी।”
पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू
एडिशनल एसपी (ASP) आकाश श्रीश्रीमाल के अनुसार, 25 मार्च से 31 मार्च के बीच सरेंडर करने वाले सभी 11 कैडरों के पुनर्वास और समाज में उनके एकीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अब इन कैडरों से मिली जानकारी के आधार पर अन्य सक्रिय नक्सलियों से संपर्क साधने की कोशिश कर रही है।