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मस्जिदें बनीं शिक्षा के केन्द्र: स्थानीय छात्रों को सशक्त बनाने की अभिनव पहल

हैदराबाद के पुराने शहर के अकरनगर इलाके में एक अनूठी पहल ने जोर पकड़ा है, जहां मस्जिदों को आंशिक समय के लिए स्कूल या मकतब के रूप में बदल दिया गया है। इस पहल के तहत स्थानीय सरकार और बजट स्कूलों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जा रही है। यह शिक्षा कार्यक्रम गणित, विज्ञान, अंग्रेजी और तेलुगु जैसे विषयों को कवर करता है।

यह पहल टेक्नोलॉजी के जानकार युवाओं की टीम द्वारा शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य शिक्षा के स्तर को बढ़ाना और बच्चों को बेहतर भविष्य के लिए तैयार करना है। मकतब का पारंपरिक फॉर्मेट शिक्षा के साथ धार्मिक अध्ययन को भी जोड़ता है, लेकिन इस नई पहल में इसे आधुनिक और समकालीन विषयों को पढ़ाने के लिए व्यवस्थित किया गया है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस पहल के कारण बच्चों को स्कूल जाने की अतिरिक्त सुविधा मिली है और वे घर के करीब ही गुणवत्ता शिक्षण प्राप्त कर पा रहे हैं। यह व्यवस्था विशेषकर उन बच्चों के लिए मददगार साबित हुई है जो परिवार की आर्थिक स्थिति के कारण महंगे कोचिंग या ट्यूशन नहीं कर पाते।

मस्जिदों को शिक्षा केंद्र में परिवर्तित करने से इलाके में शिक्षा की पहुंच बढ़ी है और सामाजिक समरसता भी मजबूत हुई है। माता-पिता अधिक आश्वस्त हैं क्योंकि उनके बच्चे सुरक्षित वातावरण में पढ़ाई कर रहे हैं। शिक्षकों ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है, उन्होंने कहा कि बच्चे उत्साहित और सीखने के लिए प्रेरित दिख रहे हैं।

शहर के शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासक इस पहल को समर्थन दे रहे हैं और आशा व्यक्त की जा रही है कि इस मॉडल को अन्य शहरों में भी लागू किया जा सकेगा। इसके साथ ही, यह कदम डिजिटल इंडिया और समान शिक्षा के लक्ष्य के अनुरूप माना जा रहा है।

आगे के प्लान में मकतबों में डिजिटल शिक्षा सामग्री का इस्तेमाल, और अन्य कौशल विकास कार्यक्रमों का आयोजन शामिल है, जिससे बच्चों को ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल भी प्राप्त हो सकें। इस तरह की पहल न केवल शिक्षा में सुधार लाएगी, बल्कि एक मजबूत और शिक्षित समुदाय के निर्माण में भी सहायक होगी।

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