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पुणे जहरीली शराब कांड में मृतकों की संख्या पहुंची 20, मेथेनॉल सप्लाई नेटवर्क की जांच तेज

पुणे। महाराष्ट्र के पुणे में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों का मामला तेजी से बदतर होता जा रहा है। राज्य की अपराध शाखा सीआईडी ने अब तक 20 लोगों की मौत की पुष्टि की है और 8 अन्य गंभीर रूप से बीमार हैं। जांच एजेंसियां इस मामले में अवैध शराब की तस्करी, मेथेनॉल की आपूर्ति और वितरण के पूरे नेटवर्क को उजागर करने में जुटी हैं।

सीआईडी के मुताबिक, 26 से 28 मई 2026 के दौरान पुणे के दापोडी और हडपसर थाना क्षेत्रों में जहरीली हाथभट्टी शराब पीने के बाद कई लोगों की तबीयत अचानक खराब हुई। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन कई की मौत हो गई। इस गंभीर स्थिति के बाद 29 मई को दापोडी और हडपसर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत Maharashtra और Mumbai दारूबंदी कानून की धाराएं भी लागू की गई हैं।

प्रारंभिक जांच में पता चला कि हाथभट्टी शराब में जहरीले रासायनिक पदार्थ मिलाए गए थे। दापोडी में 16 और हडपसर में चार लोगों की मौत हुई, कुल मिलाकर मृतकों की संख्या 20 पहुंच गई। आठ लोग अस्पतालों में जीवन रक्षा उपायों पर हैं।

जांच में गिरफ्तार अरुण जगदंब चौबे (59) और अभिषेक अरुण चौबे (34), वाशीगांव, नवी मुंबई के निवासी, से कड़ी पूछताछ की गई। इनके बयान के आधार पर भिवंडी के वलगांव में स्थित आरईएक्स इंटरनेशनल के गोदाम की ताबड़तोड़ तलाशी ली गई, जो पहले खाद्य एवं प्रशासन विभाग द्वारा सील किया गया था।

पंचनामा कार्रवाई के तहत गोदाम को पुनः खोला गया और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की सहायता से 39 ड्रमों से नमूने लिए गए, जिन्हें रासायनिक जांच के लिए भेजा गया है।

सीआईडी ने आरोपियों के वाशी के कार्यालय से लैपटॉप और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। साथ ही, आईसीआईसीआई, एचडीएफसी और कोटक महिंद्रा बैंक खातों के वित्तीय व्यवहार की पड़ताल शुरू कर दी गई है।

जांच में यह भी सामने आया कि आरईएक्स इंटरनेशनल ने अविनाश कार्गो प्राइवेट लिमिटेड के जरिए मुख्य आरोपी योगेश व्हानखडे को 215 लीटर मेथेनॉल दिया था। भोसरी में कंपनी कार्यालय की तलाशी और कर्मचारियों के बयान दर्ज कर जरूरी कागजात जब्त किए गए हैं।

इरफान निसार कुरैशी (50), दापोडी निवासी, को अदालत ने 8 जून तक पुलिस हिरासत में भेजा। आर्यन संजीव धोत्रे (22) को भी गिरफ्तार किया गया है, जो वडारवाडी क्षेत्र में अवैध शराब बेचने में शामिल था और पूरे नेटवर्क में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था।

सीआईडी ने फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले सोमनाथ तात्याबा गावडे से भी पूछताछ की है, जिन पर अवैध कारोबार में नकली पहचान और दस्तावेजों का संलिप्त होने का संदेह है।

मुख्य आरोपी योगेश व्हानखडे की शराब ढुलाई में इस्तेमाल की जाने वाली एक्टिवा मोटरसाइकिल और फुगेवाडी से एक डीवीआर बरामद किया गया है। अब तक पुलिस ने पांच सीसीटीवी डीवीआर और हार्ड डिस्क जब्त कर ली हैं, जो पूरे नेटवर्क की जांच में अहम साबित होंगी।

पूरी टीम इस जाल को पूरी तरह खोलने और ऐसे अपराधियों को सजा दिलाने के लिए कड़ाई से काम कर रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की त्रासदी रोकी जा सके।

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