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ब्रिस्टल, यॉर्क और UNSW को भारत में परिसर स्थापित करने की मंजूरी

नई दिल्ली, 27 अप्रैल: यूनियन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज घोषणा की कि ब्रिटेन के ब्रिस्टल विश्वविद्यालय, इंग्लैंड के यूनिवर्सिटी ऑफ यॉर्क और ऑस्ट्रेलिया के यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स (UNSW) को भारत में अपने कैंपस स्थापित करने की मंजूरी मिल गई है। यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “यह निर्णय हमारे उच्चशिक्षा क्षेत्र में एक नया युग लेकर आएगा। NEP 2020 की अंतरराष्ट्रीय शिक्षा को बढ़ावा देने की दृष्टि को साकार करने के लिए यह एक बड़ा कदम है। विश्वविद्यालय भारत में शिक्षा के उच्च मानकों को स्थापित करेंगे और छात्रों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का अवसर प्रदान करेंगे।”

ब्रिस्टल, यॉर्क और UNSW के भारत कैंपस की स्थापना से न केवल उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि भारतीय छात्रों को विदेश जाकर अध्ययन करने के खर्च, असुविधा और चुनौतियों से भी निजात मिलेगी। इन प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी से भारत की शैक्षिक प्रणाली की वैश्विक मान्यता भी बढ़ेगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह पहल भारतीय शिक्षा तंत्र को वैश्विक विश्वविद्यालय नेटवर्क से जोड़ने और अनुसंधान तथा नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक सकारात्मक संकेत है। इससे भारत में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई तकनीकों, शिक्षण पद्धतियों और शोध परियोजनाओं को बढ़ावा मिलेगा।

यूनिवर्सिटी ऑफ यॉर्क की ओर से भी इस कदम का स्वागत किया गया है और उन्होंने कहा कि भारत में कैंपस खोलकर वे भारतीय छात्रों के साथ नजदीकी संपर्क स्थापित कर सकेंगे तथा द्विपक्षीय शैक्षिक सहयोग को मजबूती मिलेगी। ब्रिस्टल और UNSW विश्वविद्यालयों ने भी कहा है कि वे भारत में शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में नए अवसरों की खोज करेंगे।

शिक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार आने वाले महीनों में अन्य प्रतिष्ठित विश्वविद्यालों से भी संपर्क कर रही है ताकि वे भी भारत में अपने कैंपस स्थापित कर सकें। उनका यह मानना है कि इससे भारत का उच्च शिक्षा क्षेत्र वैश्विक मानकों के करीब पहुंचेगा और युवाओं को बेहतर भविष्य के निर्माण में मदद मिलेगी।

विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह के कदम से भारतीय छात्रों को न केवल उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा मिलेगी, बल्कि विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ सांस्कृतिक और शैक्षिक आदान-प्रदान भी बढ़ेगा। इससे भारत के शिक्षा क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

संक्षेप में, ब्रिस्टल, यॉर्क और UNSW के भारत में कैंपस स्थापित करने की मंजूरी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के एजेंडे को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति है। यह न केवल भारतीय शिक्षा व्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मक बनाएगा बल्कि भारत को शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक मानचित्र पर और अधिक प्रतिष्ठित भी करेगा।

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