राज्य के अधिकारों पर कभी समझौता नहीं करेंगे, लेकिन राज्यपाल से टकराव भी नहीं चाहते: तमिलनाडु उच्च शिक्षा मंत्री

चennai: तमिलनाडु के उच्च शिक्षा मंत्री पी. विश्वनाथन ने कहा है कि राज्यपाल और मुख्यमंत्री को राज्य की विश्वविद्यालय प्रणाली के सुचारू संचालन के लिए तालमेल से काम करना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य के अधिकारों पर किसी भी तरह का आक्रमण सहन नहीं किया जाएगा।
मंत्री ने एक इंटरव्यू में बताया कि राज्यपाल का कार्य क्षेत्र और राज्य सरकार के अधिकार दोनों का सम्मान करना अत्यंत आवश्यक है। “हम राज्यपाल से टकराव नहीं चाहते, परन्तु राज्य के अधिकार का हनन भी सहन नहीं करेंगे,” उन्होंने कहा। पी. विश्वनाथन ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में राज्य सरकार की भूमिका हर हाल में बनी रहनी चाहिए, क्योंकि विश्वविद्यालयों की सुचारू व्यवस्था के लिए यही आवश्यक है।
इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि शिक्षा परिषद और अन्य संबंधित संस्थाओं को सभी स्तरों पर राज्य सरकार के साथ सम्पर्क स्थापित करना होगा, ताकि कोई विवाद उत्पन्न न हो। “राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच सकारात्मक संवाद राज्य विश्वविद्यालयों के विकास की दिशा में अहम कदम होगा,” उन्होंने बात को आगे बढ़ाया।
तमिलनाडु में पिछले कुछ समय से राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच शैक्षणिक मामलों को लेकर मतभेद की खबरें आती रही हैं, जिससे छात्रों और शिक्षण संस्थानों पर भी असर पड़ता है। मंत्री विश्वनाथन ने इस स्थिति को सुधारने के लिए बातचीत और सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने यह भी बताया कि वे जल्द ही राज्यपाल से मुलाकात करके वर्तमान विवादों को दूर करने की कोशिश करेंगे ताकि शिक्षा क्षेत्र में किसी भी प्रकार की बाधा न आए। मंत्री विश्वनाथन ने सभी शिक्षण संस्थानों से अपील की है कि वे पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ काम करें तथा राज्य सरकार के निर्देशन का पालन करें।
जरूरी है कि तमिलनाडु के विश्वविद्यालयों का प्रशासन सरल, पारदर्शी और निर्बाध रहे, ताकि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। इसके लिए केंद्रीय और राज्य सरकार के बीच बेहतर तालमेल होना आवश्यक है। मंत्री ने कहा कि वे इस दिशा में हर संभव प्रयास करेंगे।
अंत में पी. विश्वनाथन ने कहा, “हम राज्य के अधिकारों की रक्षा करेंगे लेकिन राज्यपाल के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखेंगे, क्योंकि इससे ही राज्य के शैक्षणिक संस्थानों का विकास सुनिश्चित होगा।”






