नैसकॉम ने भारत-यू.के. डिजिटल साझेदारी को मजबूत करने के लिए यू.के. टेक्नोलॉजी एडवाइजरी काउंसिल की शुरुआत की

नई दिल्ली। भारतीय IT कंपनियों ने यू.के. के तकनीकी क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति के साथ न केवल आर्थिक सहयोग को बढ़ावा दिया है, बल्कि स्थानीय रोजगार के अवसरों को भी सशक्त किया है। हाल ही में जारी रिपोर्ट के अनुसार, भारत की प्रमुख आईटी फर्में यू.के. में 35,000 से अधिक नौकरियों का समर्थन करती हैं, जिसमें से लगभग 62 प्रतिशत कर्मचारी लंदन के बाहर स्थित हैं। यह आंकड़ा भारतीय कंपनियों द्वारा स्थानीय रोजगार के विस्तार और समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताता है।
यू.के. और भारत के बीच डिजिटल सहयोग को और मजबूती देने के लिए नयी पहलें भी की जा रही हैं। इन पहलुओं में नैसकॉम के तहत यू.के. टेक्नोलॉजी एडवाइजरी काउंसिल की स्थापना शामिल है, जिसके माध्यम से दोनों देशों के बीच तकनीकी बातचित और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भारतीय IT कंपनियों द्वारा यू.के. में संचालित परियोजनाएं न केवल तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास को प्रोत्साहित करती हैं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था में भी सकारात्मक योगदान देती हैं। इसके साथ ही, लंदन से बाहर कार्यरत 62% कर्मचारी इस बात का संकेत हैं कि भारत की कंपनियां देश के विविध क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ा रही हैं, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई दिशा मिल रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यू.के. में भारतीय IT फर्मों की यह व्यापक उपस्थिति दोनों देशों के बीच सहयोग के मजबूत आधार का प्रतीक है। इससे तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और वैश्विक डिजिटल आर्थिक परिदृश्य को नई गति मिलेगी।
इसके अलावा, कोविड-19 महामारी के बाद डिजिटल सेवाओं की मांग बढ़ने से भारतीय कंपनियों को यू.के. में अपनी सेवाओं का विस्तार करने में मदद मिली है। इसके परिणामस्वरूप, दोनों देशों के बीच तकनीकी साझेदारी को और अधिक व्यापक और दीर्घकालिक बनाने के लिए नई रणनीतियाँ तैयार की जा रही हैं।
इस रिपोर्ट ने भारत और यू.के. के बीच IT क्षेत्र के सहयोग को लेकर आशा जगाई है कि आने वाले समय में यह साझेदारी और मजबूत होगी, जिससे वैश्विक स्तर पर डिजिटल अर्थव्यवस्था में दोनों देशों का प्रभाव बढ़ेगा।






