एमडीएमके का आम समर्थक मंडल शनिवार को गठबंधन पर निर्णय लेगा

चेन्नई: एमडीएमके (मार्क्सवादी द्रमुक) के आगामी रणनीतिक फैसले को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा जोरों पर है। आगामी शनिवार को एमडीएमके का आम समर्थक मंडल इस बात पर निर्णय लेगा कि वे आगामी विधानसभा चुनाव में किस गठबंधन के साथ जाएंगे। इस निर्णय को लेकर पार्टी के भीतर और बाहर कयास लगाए जा रहे हैं, खासकर तब जब पार्टी के दो विधायकों टी.एम. राजेंद्रन और सेंटिल सेल्वन के बारे में संभावित इस्तीफे की खबरें सामने आई हैं।
जानकारी के अनुसार, टी.एम. राजेंद्रन और सेंटिल सेल्वन ने 2026 के विधानसभा चुनावों में डीएमके के ‘‘राइजिंग सन’’ चिह्न के तहत चुनाव लड़ा था। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि एमडीएमके उनसे इस्तीफा मांग सकता है क्योंकि वे पार्टी की सदस्यता छोड़कर दूसरे दल के प्रतीक पर चुनाव लड़ चुके हैं। यह कदम एमडीएमके की आगामी रणनीति में अहम माना जा रहा है।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि शनिवार को होने वाले आम समर्थक मंडल की बैठक में इन विधायकों के इस्तीफे के साथ-साथ गठबंधन के एजेंडे पर भी गंभीरता से चर्चा होगी। एमडीएमके के नेताओं ने बताया कि यह गठबंधन उनके लिए निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है, क्योंकि आगामी चुनाव में जीत का अभियान इसी गठबंधन पर निर्भर है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, एमडीएमके का यह फैसला तमिलनाडु की राजनीति को प्रभावित कर सकता है, खासकर जब राज्य की राजनीति में गठबंधन का स्थान बहुत महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने कहा कि एमडीएमके की रणनीति समझदारी भरी होनी चाहिए, ताकि पार्टी का राजनीतिक महत्व बना रहे।
पिछले कुछ वर्षों में तमिलनाडु की राजनीति में गठबंधनों ने कई बार सत्ता की दिशा बदली है, इसलिए एमडीएमके के इस निर्णय पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। आगामी शनिवार को बनने वाला यह निर्णय पार्टी के राजनीतिक भविष्य के लिए बहुत अहम माना जा रहा है।
इस बीच, पार्टी के अन्य नेताओं ने भी अपने-अपने मत प्रकट करने शुरू कर दिए हैं और जनता तथा काफी हद तक स्वयं पार्टी के सदस्य भी इस बैठक के नतीजों को लेकर उत्सुक हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों की राय है कि इस बैठक के बाद ही एमडीएमके की चुनावी रणनीति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।






