तेजस्वी यादव का बयान: बिहार दिवालियापन के कगार पर

पटना: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के मुखिया एवं बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने राज्य की वर्तमान वित्तीय स्थिति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पार्टी कार्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि बिहार कई राजकोषीय संकटों के कारण दिवालियापन की कगार पर पहुंच चुका है। तेजस्वी ने कहा कि भ्रष्टाचार, घोटाले, राजस्व हानि, बढ़ता वित्तीय घाटा और भारी कर्ज के कारण राज्य का आर्थिक ढांचा अस्थिर हो गया है।
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य में अनेक वित्तीय घपलों ने सरकार की कब वित्तीय क्षमता को गहरा नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं ने बिहार के विकास कार्यों में बाधा पैदा की है और आम जनता के मूलभूत सेवाओं तक पहुंच को प्रभावित किया है।
राजद नेता ने आगे बताया कि राज्य के राजकोषीय घाटे में वृद्धि भी चिंताजनक है, जो लंबे समय तक वित्तीय स्थिरता और विकास योजनाओं को खतरे में डाल सकती है। उन्होंने कहा कि कर्ज का बोझ बढ़ने से सरकार की आर्थिक स्वतंत्रता कम हो रही है, जिससे विकास परियोजनाएं बाधित हो रही हैं और जनता पर वित्तीय दबाव बढ़ रहा है।
तेजस्वी यादव ने सरकार से मांग की कि वह त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार से जुड़ी संस्थाओं की जांच करें, घाटों की भरपाई के लिए प्रभावी कदम उठाएं और राजस्व संग्रह में सुधार लाएं। उनका कहना था कि बिना सुधार के बिहार का आर्थिक संकट और गहरा होगा, जो राज्य के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है।
विशेषज्ञों का भी मानना है कि बिहार को अपनी वित्तीय नीतियों में सुधार, बजटary अनुशासन और पारदर्शिता को बढ़ावा देना होगा ताकि आर्थिक स्थिरता वापस लाई जा सके। इसके अलावा, भ्रष्टाचार रोकने के लिए सख्त कानूनी प्रावधान और प्रभावी निगरानी प्रणाली की आवश्यकता है।
पूरा बिहार इन आपदाओं से उबरने के लिए नीति निर्माताओं और प्रशासनिक अधिकारियों से ठोस और सतत उपायों की उम्मीद कर रहा है ताकि राज्य आर्थिक रूप से सशक्त और समृद्ध बन सके।






