अमरावती के आनंदमठ आश्रम प्रमुख पर दुष्कर्म और POCSO का मामला दर्ज, नाबालिग से शोषण का आरोप

महिला की शिकायत के बाद पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
अमरावती, महाराष्ट्र। महाराष्ट्र के अमरावती जिले में स्थित आनंदमठ आश्रम के प्रमुख दत्तागिरी गुरु जयरामजी महाराज के खिलाफ दुष्कर्म और यौन शोषण के आरोपों में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, एक महिला ने शिकायत में आरोप लगाया है कि वर्ष 2016 में नाबालिग रहने के दौरान उसके साथ कई बार यौन शोषण किया गया। शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
2014 में हुई थी पहली मुलाकात
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता ने बताया कि उसकी पहली मुलाकात वर्ष 2014 में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान जयरामजी महाराज से हुई थी। बाद में वर्ष 2016 में वह आश्रम में रहने लगी। महिला का आरोप है कि उसी दौरान, जब वह नाबालिग थी, आरोपित ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया और लंबे समय तक उसका यौन शोषण किया।
गंभीर धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला
चांदूर रेलवे पुलिस ने आरोपित के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2) (दुष्कर्म), धारा 351(2) तथा पॉक्सो अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं, इसलिए मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
आरोपित की तलाश में जुटी पुलिस
चांदूर रेलवे पुलिस थाने के निरीक्षक सुरेश मस्के ने बताया कि एफआईआर दर्ज होने के बाद से आरोपित फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि उसे जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
सभी पहलुओं की हो रही जांच
पुलिस ने बताया कि मामले में उपलब्ध साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और शिकायतकर्ता सहित अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जाएंगे। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अभी आरोपों की पुष्टि होना बाकी
फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है और अदालत में आरोपों की सुनवाई होना बाकी है। आरोपित की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं की गई है। कानून के अनुसार, किसी भी व्यक्ति को अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने तक दोषी नहीं माना जाता।






