व्यापार

भारत के नीलम और तोतापुरी आमों का मुरीद हुआ मालदीव, पहली बार हवाई मार्ग से पहुंची खेप

नई दिल्ली: जापान द्वारा इस साल भारतीय आमों के आयात पर रोक लगाए जाने के बावजूद वैश्विक बाजार में भारतीय आमों की मांग लगातार बढ़ रही है। अमेरिका, ब्रिटेन और सऊदी अरब के बाद अब मालदीव भी भारत के प्रीमियम आमों का नया खरीदार बन गया है। पहली बार कर्नाटक के नीलम और तोतापुरी आमों की खेप हवाई मार्ग से मालदीव भेजी गई है, जो भारतीय कृषि निर्यात के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

पहली बार हवाई मार्ग से हुआ निर्यात

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) की मदद से कर्नाटक के नीलम और तोतापुरी आमों की पहली खेप विमान के जरिए मालदीव भेजी गई। इस पहल का उद्देश्य ताजे फलों को कम समय में विदेशी बाजार तक पहुंचाना और उनकी गुणवत्ता बनाए रखना है।

किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

सरकार का कहना है कि इस निर्यात से कर्नाटक के आम उत्पादक किसानों को बेहतर कीमत मिलने की संभावना है। साथ ही इससे ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि आधारित रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। निर्यात बढ़ने से किसानों की आय में वृद्धि होगी और भारतीय फलों की वैश्विक पहचान और मजबूत होगी।

महिला उद्यमियों को भी मिलेगा प्रोत्साहन

मंत्रालय के मुताबिक, इस पहल से कृषि निर्यात से जुड़ी महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों को भी नए अवसर मिलेंगे। सरकार का लक्ष्य कृषि उत्पादों के निर्यात के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और छोटे किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ना है।

जापान के बैन के बाद नए बाजारों पर फोकस

इस वर्ष जापान ने भारतीय आमों के आयात पर प्रतिबंध लगाया था, जिससे निर्यातकों को झटका लगा। हालांकि भारत ने तेजी से नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर ध्यान केंद्रित किया। अमेरिका, ब्रिटेन, सऊदी अरब और अब मालदीव जैसे देशों में भारतीय आमों की बढ़ती मांग इस बात का संकेत है कि वैश्विक बाजार में भारतीय फलों की गुणवत्ता और स्वाद की अच्छी पहचान बनी हुई है।

निर्यात बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि हवाई मार्ग से आमों का निर्यात भविष्य में अन्य देशों तक भी बढ़ाया जा सकता है। इससे न केवल भारत के कृषि निर्यात को नई गति मिलेगी, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘लोकल फॉर ग्लोबल’ जैसे अभियानों को भी मजबूती मिलेगी। मालदीव को भेजी गई यह पहली खेप भारतीय आमों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में नए अवसरों का रास्ता खोलने वाली साबित हो सकती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button