विजय ने अपनी प्रतिबद्धता निभाई, तमिल नाडु की सिंगाप्पेन विशेष बल की शुरुआत की

नई दिल्ली, मई 2026: तमिल नाडु के मुख्यमंत्री विजय ने बड़ी चिंता जताई है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों में वृद्धि का मुख्य कारण नशीली पदार्थों का फैलाव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह समस्या अचानक उत्पन्न नहीं हुई है, बल्कि यह कई वर्षों से चली आ रही है, जिसे लंबे समय तक नजरअंदाज किया गया।
मुख्यमंत्री ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मेदिकली और सामाजिक स्तर पर नशे की लत एक ज्वलंत समस्या है। हमारे समाज में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों की बढ़ती संख्या इसी का प्रत्यक्ष परिणाम है। यह मुद्दा केवल हाल की बात नहीं है, बल्कि इसे वर्षों से अनदेखा किया गया है।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकार न केवल इस समस्या को गंभीरता से ले रही है, बल्कि इसके समाधान के लिए ठोस कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि नशीले पदार्थों के खिलाफ कड़े कानून बनाना और उनके क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण होगा। साथ ही, शिक्षा और जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को नशाखोरी से दूर रखना सरकार की प्राथमिकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, नशीली पदार्थों का सेवन युवाओं के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है, जिससे वे अपराध जैसे पाप जुड़ जाते हैं। महिलाओं और बच्चों के प्रति हिंसा और शोषण के मामलों में वृद्धि की मुख्य वजह भी यह है।
इस संदर्भ में, तमिल नाडु सरकार ने न केवल कानून व्यवस्था को मजबूत करने की बात कही, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण योजनाओं को भी बड़े पैमाने पर लागू करने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे राज्य में पुलिस और सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी से इस समस्या का समाधान निकालेगा।
समाजकर्मियों और अभियानकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के बयान का स्वागत किया है और कहा कि यह समस्या अब नजरअंदाज नहीं की जा सकती। सभी स्तरों पर सहयोग से ही नशीले पदार्थों के प्रभाव को कम किया जा सकता है और महिलाओं व बच्चों को सुरक्षित महसूस कराया जा सकता है।
सरकार की ओर से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि बढ़ती अपराध दर से निपटने के लिए कड़े कानून, बेहतर शिक्षा, और सामाजिक समर्थन व्यवस्था बेहद जरूरी है। केवल कानूनी कदमों से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है ताकि समाज में वास्तविक परिवर्तन आए।






