मिड-ईयर मार्गज़ी क्या है? चेन्नई स्थित आवरणा से जानिए पूरी जानकारी

चेन्नई। भारतीय सांस्कृतिक धरोहर के महत्वपूर्ण स्तंभों में कहलाने वाले कर्नाटक संगीत और कांजीवरम रेशमी वस्त्रों का एक सामूहिक आयोजन आवरणा के मिड-ईयर मार्गज़ी के तहत 19 से 21 जून तक आयोजित किया जाएगा। यह अनूठा जुगलबंदी समारोह कर्नाटक संगीत की मधुरध्वनि और कांजीवरम की विशिष्ट परंपरा को एक साथ प्रस्तुत करेगा।
आवरणा के आयोजकों ने बताया कि मार्गज़ी का प्राचीन त्योहार अब मिड-ईयर संस्करण के रूप में भी मनाया जाएगा, जिससे इस पारंपरिक उत्सव को एक नई दिशा और आधुनिक परिप्रेक्ष्य मिलेगा। आयोजन का उद्देश्य न केवल संगीत प्रेमियों को आकर्षित करना है, बल्कि इसे पारंपरिक वस्त्रों के साथ जोड़कर सांस्कृतिक समृद्धि को भी बढ़ावा देना है।
कर्नाटक संगीत के दिग्गज कलाकार विभिन्न रागों में अपनी प्रस्तुति देंगे, जबकि कांजीवरम की कैनवास पर निर्मित वस्त्रों की भी प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इस कार्यक्रम को विशेष रूप से सांस्कृतिक विविधता एवं अमूल्य शिल्प कौशल के सम्मिलन के रूप में देखा जा रहा है।
आयोजकों ने यह भी बताया कि इस जुगलबंदी में पारंपरिक संगीत पाठशालाओं के छात्र और स्थानीय शिल्पकार भी भाग लेंगे, जिससे युवा पीढ़ी को सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में मदद मिलेगी। यह पर्व न केवल सांस्कृतिक जागरूकता फैलाएगा, बल्कि स्थानीय कारीगरों को भी विशेष मंच प्रदान करेगा।
चेन्नई के विभिन्न हिस्सों से आने वाले दर्शक इस उत्सव के माध्यम से संगीत और नृत्य के साथ-साथ कांजीवरम सिल्क की सुंदरता को भी भलीभांति एक्सप्लोर कर सकेंगे। पर्यटन और सांस्कृतिक मंत्रालय ने भी इस पहल का स्वागत किया है और इसे भारतीय सांस्कृतिक वैभव को बढ़ावा देने वाला कदम बताया है।
आवरणा के मिड-ईयर मार्गज़ी आयोजन में रुचि रखने वाले लोग अपने बुकिंग और सहभागिता के लिए आयोजकों के वेबसाइट पर संपर्क कर सकते हैं। आयोजकों ने कोविड-19 के प्रोटोकॉल का भी पूर्ण पालन करने का आश्वासन दिया है।
इस खास आयोजन के जरिए न केवल कर्नाटक संगीत की मधुरता का अनुभव होगा, बल्कि कांजीवरम सिल्क की समृद्ध संस्कृति भी नजदीक से जानने को मिलेगी। यह सांस्कृतिक मिलन समारोह सभी आयु वर्ग के लिए खुला रहेगा और भारतीय सांस्कृतिक धरोहर को समृद्ध करने में एक अहम भूमिका निभाएगा।






