टीवीके नेतृत्व वाली सरकार को कूर्वाई खेती के लिए कावेरी जल सुरक्षित करने में विफलता: एडप्पाड़ी पलानीस्वामी

चेन्नई। तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेता एडप्पाड़ी पलानीस्वामी ने हाल ही में राज्य सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में आयोजित कैबिनेट बैठक में विभिन्न विभागों के तहत 436 योजनाओं की घोषणा की गई, लेकिन इस महत्वपूर्ण घोषणाओं का उल्लेख राज्यपाल के अभिभाषण में नहीं किया गया।
पलानीस्वामी ने कहा कि यह दोनों पक्षों के बीच स्पष्ट असहमति को दर्शाता है और जनता के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न करता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने किसानों के हितों की उपेक्षा की है, खासकर कूर्वाई खेती के लिए आवश्यक कावेरी जल आपूर्ति को सुनिश्चित करने में विफल रही है।
उन्होंने कहा, “सरकार ने हालांकि कई विकास योजनाओं की घोषणा की लेकिन इनमें से किसी भी योजना का उल्लेख राज्यपाल के अभिभाषण में नहीं मिला, जिससे इन योजनाओं की पारदर्शिता और प्राथमिकता पर प्रश्न चिन्ह लग जाता है।” पलानीस्वामी ने यह भी कहा कि यदि सरकार किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेगी तो आगामी चुनावों में उसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
विशेष रूप से, पलानीस्वामी ने कावेरी जल विवाद पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले कई वर्षों से किसानों को समय पर जल आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की जा रही है, जो सीधे कृषि उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि कूर्वाई सीजन के दौरान पर्याप्त जल नहीं मिलने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
राज्य की हीटिंग जल विवाद और कृषि संकट पर पलानीस्वामी की टिप्पणियां सरकार की नीतियों की समीक्षा के लिए एक चेतावनी हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि जल आपूर्ति और कृषि विकास के मुद्दों को प्राथमिकता दें तथा किसानों के लिए ज़रूरी राहत और संसाधन मुहैया कराएं।
राज्य के राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि पलानीस्वामी की यह प्रतिक्रिया आगामी चुनावों में एआईएडीएमके की भूमिका और लोकप्रियता को प्रभावित कर सकती है, खासकर जब किसान समुदाय की नाराजगी बढ़ रही है।
इस बीच, सरकार की ओर से अभी इस मामले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है। जनता और किसान संगठनों की निगाहें अब राज्य की जल नीति और विकास योजनाओं पर टिकी हुई हैं, जो आगामी महीनों में राजनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण साबित होंगे।






