राजनीति

तमिलनाडु सरकार परंदूर की बजाय नए हवाई अड्डे के लिए स्थान खोजेगी

तमिलनाडु में विकास के मुद्दे पर मतभेदों के बीच, ऊर्जा संसाधन और विधि मंत्री आर. निर्मलकुमार ने जोर देकर कहा है कि विकास बाधा नहीं है, परन्तु पर्यावरण और कृषि भूमि की रक्षा भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने यह बयान स्थानीय पंचायत TVK के विरुद्ध न होते हुए दिया है, जो विकास की प्रक्रिया के प्रति सकारात्मक है।

मंत्री निर्मलकुमार ने विशेष रूप से परंदूर क्षेत्र में एक नया हवाई अड्डा बनाने के प्रस्ताव पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि ऐसे प्रोजेक्ट के लिए अगर जल स्रोतों और उपजाऊ जमीन को नष्ट किया जाता है, तो यह दीर्घकालिक पर्यावरणीय और सामाजिक नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि ऐसे विकल्प देखें जो न केवल विकास को प्रोत्साहित करें बल्कि प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा भी करें।

तमिलनाडु सरकार ने हाल ही में परंदूर क्षेत्र में नए हवाई अड्डे के निर्माण की योजना बनाई थी, जो चेन्नई के भीतर वायु-यात्रा क्षमता बढ़ाने में सहायक होगी। हालांकि, स्थानीय समुदाय और पर्यावरणविदों ने इस योजना पर चिंता जताई है क्योंकि यह क्षेत्र जलाशयों और कृषि योग्य जमीन से घिरा हुआ है।

मंत्री निर्मलकुमार के अनुसार, राज्य के विकास के लिए यह आवश्यक है कि परियोजनाओं का चयन सतर्कता से किया जाए। जल स्रोतों को संरक्षित करना मात्र एक पर्यावरणीय ज़रुरत नहीं, बल्कि स्थानीय आबादी के जीवन का आधार भी है। कृषि भूमि खोने से न केवल किसान प्रभावित होंगे बल्कि राज्य की खाद्य सुरक्षा को भी खतरा होगा।

सरकारी अधिकारियों ने इस बात का संज्ञान लिया है और संभावना जताई है कि परंदूर के बजाय अन्य संभावित स्थलों का अध्ययन किया जाएगा, जो पर्यावरणीय और सामाजिक दोनों दृष्टिकोण से संतुलित हों। वर्तमान में अध्ययन और विचार-विमर्श का दौर जारी है, जिसमें विभिन्न हितधारकों की राय को महत्व दिया जाएगा।

इस परियोजना को लेकर भविष्य में और भी निर्णय लिए जाएंगे, लेकिन मंत्री निर्मलकुमार की बात से संकेत मिलता है कि तमिलनाडु सरकार विकास और पर्यावरण संरक्षण में संतुलन बनाने की दिशा में अग्रसर है। प्रदेश में विकास की नीतियों में इस तरह के समावेशी दृष्टिकोण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे सभी पक्षों के हित संरक्षित रह सकें।

आखिर में, दोनों विकास और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर चलना तत्कालीन आवश्यकताओं और भविष्य की पीढ़ियों के लिए भी हितकारी रहेगा, यही तमिलनाडु सरकार का उद्देश्य होगा।

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