स्वास्थ्य

भारत 2047 से पहले सिकल सेल एनीमिया को समाप्त करेगा, लक्ष्य: राष्ट्रपति मुर्मू

नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारत को 2047 तक सिकल सेल एनीमिया रोग को पूरी तरह समाप्त करने के लिए निर्णायक कदम उठाने का आह्वान किया है। उन्होंने राज्यों से आग्रह किया है कि इस गंभीर रक्त विकार को हल्के में न लें और विशेष रूप से आदिवासी समुदायों में इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास करें।

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि सिकल सेल एनीमिया एक ऐसी गंभीर बीमारी है जो प्रभावित व्यक्तियों की जीवन गुणवत्ता को काफी प्रभावित करती है। उन्होंने कहा, “देश को इस रोग की रोकथाम और नियंत्रण के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे, ताकि हम 2047 तक इसे समाप्त कर सकें।”

इस बीमारी में खून की लाल रक्त कोशिकाएं अनियमित रूप से आकार बदल जाती हैं, जो खून के प्रवाह में बाधा डालती हैं और शरीर के विभिन्न हिस्सों में दर्द व अन्य चिकित्सा जटिलताएँ उत्पन्न करती हैं। यह बीमारी भारत के कई आदिवासी और पिछड़े वर्गों में अधिक प्रचलित है, इसलिए जागरूकता और इलाजों की सही पहुंच आवश्यक है।

राष्ट्रपति ने राज्यों के स्वास्थ्य विभागों को निर्देश दिया है कि वे स्थानीय समुदायों, विशेषकर आदिवासी इलाकों में, विशेष अभियान चलाकर इस बीमारी के लक्षण, जांच एवं उपचार के बारे में जागरूकता बढ़ाएं। उन्होंने साथ ही कहा कि इस रोग के सही प्रबंधन और रोकथाम के लिए सरकार और गैर-सरकारी संगठनों को मिलकर काम करना होगा।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सिकल सेल एनीमिया की timely diagnosis और निरंतर इलाज से मरीजों के जीवन की अवधि और गुणवत्ता दोनों बेहतर हो सकती हैं। इसके लिए स्वास्थ्य केंद्रों पर उचित जांच सुविधाएं और दवाओं की उपलब्धता अहम् है।

इस संदर्भ में केंद्र सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं, लेकिन राष्ट्रपति मुर्मू ने इन्हें और प्रभावी बनाने पर जोर दिया है ताकि 2047 तक इस रोग को खत्म करना संभव हो सके। उन्होंने कहा कि “यह सब तभी संभव होगा जब हम समाज के हर वर्ग, खासकर कमजोर समुदायों को इस दिशा में साथ लेकर चलें।”

यह बीमारी न केवल स्वास्थ्य बल्कि सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से भी प्रभावित करती है, इसलिए इसका प्रभावी नियंत्रण राष्ट्रीय प्राथमिकता होनी चाहिए। विशेषज्ञ एवं समाजसेवी भी इस पहल का समर्थन कर रहे हैं और स्थानीय स्तर पर जागरूकता कार्यक्रमों को गति दे रहे हैं।

इस अभियान के अंतर्गत बच्चों की समय पर परीक्षण, حاملाहीन माता-पिता को परामर्श, तथा समुदायिक शिक्षा कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जाएगा। इन प्रयासों से भारत सिकल सेल एनीमिया मुक्त राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकता है।

अंततः, राष्ट्रपति मुर्मू के नेतृत्व में यह पहल एक स्वस्थ और रोगमुक्त भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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