लखनऊ की इमारत में आग लगने से 15 की मौत, मृतकों में अधिकांश छात्र; तीन इमारत मालिक गिरफ्तार

लखनऊ: एक भयंकर अग्निकांड ने राजधानी लखनऊ में हड़कंप मचा दिया है जहाँ 15 लोगों की मृत्यु हो गई। मृतकों में ज्यादातर छात्र बताये जा रहे हैं। घटना के दौरान कई युवाओं का वीडियो सामने आया जिसमें वे इमारत की ऊंचाई से नीचे गिरते नजर आए। यह दर्दनाक हादसा स्थानीय समयानुसार देर शाम हुआ जब इमारत में अचानक आग लग गई।
राज्य सरकार ने तत्काल इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिवारों के लिए 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की। इस राहत राशि के साथ सरकार ने घायलों के इलाज के लिए भी कार्रवाई तेज कर दी है।
पिछले कुछ घंटे में सोशल मीडिया पर आग लगने के दौरान फंसे युवाओं के वीडियो तेजी से वायरल हुए जिन्होंने जान बचाने के लिए बिल्डिंग से नीचे कूदा। ये दृश्य साफ तौर पर हादसे की भयावहता को दर्शाते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए ट्वीट किया, “लखनऊ में हुई इस प्राकृतिक आपदा से मैं बेहद saddened हूँ। प्रभावित परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं और मैं सरकार से आग्रह करता हूँ कि वे हर संभव सहायता प्रदान करें।” उन्होंने मृतकों के परिजनों को वित्तीय सहायता देने की घोषणा की।
पुलिस ने तीन बिल्डिंग मालिकों को हिरासत में लिया है। उनके खिलाफ गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि बिल्डिंग के आग बुझाने के उपकरण ठीक से उपलब्ध नहीं थे और आपातकालीन निकासी के लिए कोई उचित व्यवस्थाएं नहीं थीं।
स्थानीय प्रशासन ने बताया कि अग्निशमन विभाग तुरंत मौके पर पहुंचा और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। कई घायल इस समय गंभीर अवस्था में हैं। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं।
लखनऊ के नागरिकों ने भी घटना के बाद खूनदान और राहत सामग्री देने में बढ़-चढ़ कर भागीदारी निभाई है। एक स्थानीय नेता ने कहा कि इस दुखद घटना से सबक लेकर भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।
इस बीच, राज्य सरकार ने अपील की है कि सभी नागरिक अफवाहों पर विश्वास न करें और प्रशासन द्वारा दी जा रही आधिकारिक जानकारी का ही अनुसरण करें।
यह दुर्घटना पुनः यह याद दिलाती है कि सुरक्षा व्यवस्थाओं में कितनी कमी रह जाती है। शहर में अग्नि सुरक्षा के नियमों का सख्त पालन और नियमित जांच आवश्यक है ताकि इसी प्रकार की त्रासदी दोबारा न हो।
आगे की जांच जारी है और SIT जल्द इसकी पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक करेगी। मृतकों के परिजन और घायलों के जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना से पूरे प्रदेश में शोक की लहर है।






