स्वास्थ्य

लातेहार: पांच महीने से मानदेय का इंतजार कर रहे स्वास्थ्य सहिया और CHO, आवंटन के बावजूद भुगतान लंबित

लातेहार, झारखंड।
झारखंड के लातेहार जिले में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेदारी निभा रहे स्वास्थ्य सहिया और सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी (CHO) पिछले पांच महीनों से मानदेय के भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। आवंटन उपलब्ध होने के बावजूद भुगतान नहीं होने से बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मियों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई कर्मियों का कहना है कि नियमित आय नहीं मिलने से परिवार का खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है।

मानदेय भुगतान में देरी का मुद्दा तब प्रमुखता से सामने आया, जब जिला परिषद सदस्य संतोषी कुमारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचीं। उन्होंने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मंटू कुमार से मुलाकात कर भुगतान में हो रही देरी के कारणों की जानकारी ली और जल्द से जल्द सभी लंबित मानदेय जारी करने की मांग की।

संतोषी कुमारी ने कहा कि स्वास्थ्य सहिया और सीएचओ ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की सबसे अहम कड़ी हैं। टीकाकरण अभियान, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, पोषण कार्यक्रम, संक्रामक रोगों की रोकथाम, स्वास्थ्य जागरूकता और विभिन्न सरकारी योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। ऐसे कर्मियों को महीनों तक मानदेय से वंचित रखना उचित नहीं है और इससे उनके मनोबल के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है।

उन्होंने भुगतान प्रक्रिया में लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने की भी मांग की। उनका कहना था कि यदि आवंटन उपलब्ध है तो भुगतान में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मंटू कुमार ने बताया कि डाटा मैनेजर विनीता कुमारी के अवकाश पर रहने के कारण भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हुई थी। उन्होंने कहा कि अब आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं और एक सप्ताह के भीतर सभी स्वास्थ्य सहिया एवं सीएचओ के लंबित मानदेय का भुगतान कर दिया जाएगा।

प्रशासन की ओर से मिले इस आश्वासन के बाद स्वास्थ्य कर्मियों में राहत की उम्मीद जगी है। हालांकि वे चाहते हैं कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने और मानदेय का भुगतान निर्धारित समय पर किया जाए। अब सभी की निगाहें प्रशासन के वादे पर टिकी हैं कि क्या तय समय सीमा के भीतर लंबित भुगतान वास्तव में जारी किया जाता है।

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