अपराध

मणिपुर के इंफाल में आगजनी के बाद बढ़ा तनाव, मैतेई समुदाय के घर जलाए गए; सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ी

इंफाल, मणिपुर

मणिपुर की राजधानी इंफाल के पश्चिमी क्षेत्र में मैतेई समुदाय से जुड़े कई घरों में आग लगाए जाने की घटना के बाद इलाके में एक बार फिर तनाव का माहौल बन गया है। घटना के बाद प्रभावित समुदाय के करीब 600 लोगों की भीड़ ने विरोध प्रदर्शन किया और कुछ स्थानों पर पथराव की घटनाएं सामने आईं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने तुरंत अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की है तथा पूरे क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है।

जानकारी के अनुसार, यह घटना शनिवार को इंफाल पश्चिम जिले के कांतो सबल इलाके में हुई। स्थानीय प्रशासन और पुलिस को सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंचीं और हालात पर नियंत्रण पाने के लिए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त जवान तैनात किए गए। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी तरह की नई हिंसक घटना को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जिन मकानों में आग लगाई गई, उनमें से अधिकांश पहले से खाली पड़े हुए थे। पिछले वर्षों में हुई जातीय हिंसा के दौरान इन घरों के निवासी सुरक्षित स्थानों पर चले गए थे और अब तक वापस नहीं लौटे थे। इसी कारण इस आगजनी की घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। हालांकि, संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है और प्रभावित परिवारों में चिंता का माहौल है।

घटना के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एकत्र हो गए। पुलिस के अनुसार, करीब 600 लोगों की भीड़ ने विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थानों पर पथराव किया। सुरक्षा बलों ने स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए भीड़ को तितर-बितर किया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही और भीड़ जुटने पर भी कड़ी निगरानी शुरू कर दी है।

मणिपुर लंबे समय से विभिन्न समुदायों के बीच जातीय तनाव का सामना कर रहा है। राज्य में समय-समय पर हिंसा और आगजनी की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिनसे जनजीवन और सामाजिक सौहार्द प्रभावित हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई और सभी पक्षों के बीच संवाद स्थापित करना स्थायी शांति के लिए आवश्यक है।

फिलहाल पुलिस आगजनी की घटना की जांच कर रही है और दोषियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी उपद्रव की स्थिति से सख्ती से निपटा जाएगा।

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