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शिक्षा प्रणाली माफिया के कब्जे में: अरविंद केजरीवाल

नई दिल्ली: हाल ही में आये ऐसे समाचारों पर प्रतिक्रिया देते हुए कि नीट परीक्षा के प्रश्नपत्रों को भारतीय वायु सेना द्वारा परीक्षा केन्द्रों तक पहुंचाया जाएगा, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर कड़ी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य प्रश्नपत्रों के लीक होने की गहराई तक जाने का नहीं है, बल्कि ऐसे अजीबोगरीब कदम उठाकर मामला दबाने का प्रयास कर रही है।

केजरीवाल ने बताया कि प्रश्नपत्र लीक की घटनाएं पिछले कई वर्षों से लगातार हो रही हैं और इसे लेकर गंभीरता दिखाने की आवश्यकता है। भारत के शिक्षा तंत्र की स्थिति चिंताजनक है, जब प्रश्नपत्र लीक की घटनाएं आम होती जा रही हैं और उनके खिलाफ ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के इस तरह के फैसलों से समाज में शिक्षा के प्रति विश्वास कम होता जा रहा है और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।

उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि वह इस मामले की गहन जांच कराए और दोषियों को तुरंत सजा मिले। साथ ही शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो। वहीं, केजरीवाल ने सुझाव दिया कि तकनीकी सुरक्षा बढ़ाने, परीक्षा प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने और जवाबदेही तय करने की जरूरत है ताकि छात्रों का हक सुरक्षित रह सके।

विश्लेषकों का मानना है कि इस बार केकर्म पूरा देश नीट परीक्षा पर केंद्रित है, क्योंकि यह लाखों छात्रों के भविष्य का सवाल है। प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाएं न केवल छात्रों को मानसिक तनाव में डालती हैं बल्कि शिक्षा प्रणाली की साख पर भी प्रश्न चिह्न लगाती हैं।

इस विवाद के बीच, भारतीय वायु सेना की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे हैं। वायु सेना के इस तरह की जिम्मेदारी निभाने के निर्णय को कुछ विशेषज्ञ उचित भी मानते हैं क्योंकि वे परीक्षा सामग्री की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं, लेकिन केजरीवाल का यह मानना है कि यह केवल एक दिखावा है, जो वास्तविक जांच से ध्यान भटकाने के लिए किया जा रहा है।

केंद्र सरकार की तरफ से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि वर्तमान शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने की सख्त जरूरत है। छात्रों, अभिभावकों और शिक्षाविदों की अपेक्षा है कि सरकार जल्द से जल्द इस विषय पर ठोस कदम उठाएगी ताकि परीक्षा व्यवस्था में विश्वास कायम रह सके।

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