अपराध

19 साल बाद CBI के शिकंजे में आया सर्राफा कारोबारी हत्याकांड का मुख्य आरोपी, गोरखपुर से हुई गिरफ्तारी

कोलकाता, पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बैरकपुर में सर्राफा कारोबारी सुकांत घोष की हत्या के करीब 19 साल पुराने चर्चित मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को बड़ी सफलता मिली है। एजेंसी ने इस मामले के मुख्य आरोपी शिबू कुमार सिंह को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और अदालत द्वारा भगोड़ा घोषित किया जा चुका था। सीबीआई के अनुसार, वह अपनी पहचान बदलकर दूसरे नाम से रह रहा था ताकि कानून की पकड़ से बच सके।

सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि आरोपी गोरखपुर में अखिलेश कुमार शाही के नाम से रह रहा था। खुफिया सूचना और तकनीकी निगरानी के आधार पर उसकी लोकेशन का पता लगाया गया। इसके बाद मंगलवार को गोरखपुर के रायगंज रोड स्थित साउथ गांधी आश्रम क्षेत्र में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया गया। एजेंसी आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर कोलकाता ले जा रही है, जहां उसे अदालत में पेश किया जाएगा।

यह मामला वर्ष 2007 का है। छह जुलाई 2007 को बैरकपुर के चिड़ियामोड़ निवासी सर्राफा कारोबारी सुकांत घोष को एक फोन आया था। इसके बाद वह किसी व्यावसायिक काम का हवाला देकर घर से निकले, लेकिन वापस नहीं लौटे। अगले दिन लाटबागान स्थित जवाहर कुंज के पास उनका खून से लथपथ शव बरामद हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर धारदार हथियार से किए गए 18 वार के निशान पाए गए थे, जिससे हत्या की क्रूरता का पता चला।

हत्या के बाद स्थानीय पुलिस ने मामले में सिधु सिंह, विकास सिंह और विश्वजीत गुहा को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन मुख्य आरोपी शिबू कुमार सिंह फरार हो गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट ने 27 अगस्त 2009 को जांच सीबीआई को सौंप दी। इसके बाद एजेंसी ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर मामले की दोबारा जांच शुरू की।

सीबीआई ने 31 दिसंबर 2010 को पहली चार्जशीट और 14 नवंबर 2011 को पूरक आरोपपत्र दाखिल किया, जिसमें शिबू कुमार सिंह सहित चार आरोपियों के नाम शामिल थे। लगातार फरार रहने के कारण अदालत ने 15 दिसंबर 2016 को उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था। जांच में यह भी सामने आया कि कारोबारी से कथित तौर पर बड़ी रकम की फिरौती मांगी गई थी और इनकार करने पर उनकी हत्या कर दी गई।

सीबीआई का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी इस लंबे समय से लंबित मामले में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। एजेंसी को उम्मीद है कि उससे पूछताछ के दौरान हत्या की साजिश, अन्य आरोपियों की भूमिका और मामले से जुड़े कई अहम तथ्यों का खुलासा हो सकता है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की तैयारी की जा रही है और मामले की आगे की जांच जारी है।

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