बंगाल में पोस्ट-पोल हिंसा पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे टीएमसी के अभिषेक बनर्जी पर अंडे और जूते फेंके गए

कोलकाता: टीएमसी के राष्ट्रीय सामान्य सचिव अभिषेक बनर्जी पर बंगाल के उन परिवारों से मिलने के दौरान अंडे और जूते फेंके गए जो हाल ही में हुए चुनाव के बाद हुई हिंसा से प्रभावित हैं। घटना के बाद अभिषेक बनर्जी ने इसे पूर्व नियोजित हमला बताते हुए कहा, “यह पूरी घटना पूर्व नियोजित थी। वे मुझे मारना चाहते हैं।”
बता दें कि पश्चिम बंगाल में हाल के विधानसभा चुनावों के बाद कई इलाकों में हिंसक घटनाएं हुईं, जिनमें राजनीतिक विरोधी दलों के कार्यकर्ताओं के बीच टकराव और दंगों की खबरें मिलीं। ऐसे में अभिषेक बनर्जी की इस क्षेत्रीय यात्रा राजनीतिक और सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही थी, क्योंकि वे पोस्ट-पोल हिंसा से पीड़ित परिवारों को सांत्वना देने और स्थिति का जायजा लेने आए थे।
घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि जैसे ही अभिषेक बनर्जी पीड़ित परिवारों से मिलने निकले, कुछ व्यवस्था विरोधियों ने मौके का फायदा उठाकर उन पर अंडे और जूते फेंकने शुरू कर दिए। हालांकि सुरक्षा कर्मियों ने तेजी से स्थिति को नियंत्रण में लिया, लेकिन इस घटना ने राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है।
अधिकारियों ने बताया कि अभिषेक बनर्जी ने मामले की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज कराई है और जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि राजनीति में हिंसा की जगह संवाद और सहमति होनी चाहिए। बंगाल में राजनीतिक दलों के बीच बढ़ते तनाव और हिंसक घटनाएं लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय हैं।
टीएमसी के सूत्रों का कहना है कि अभिषेक बनर्जी पर हुए इस हमले से पार्टी कार्यकर्ताओं में गहरा आक्रोश है और वे कड़ा विरोध जताने की योजना बना रहे हैं। वहीं, विपक्ष ने इस घटना को लेकर टीएमसी पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए स्थिति को और जटिल बनाने का प्रयास किया है।
सार्वजनिक मंचों और मीडिया पर इस घटना से जुड़ी चर्चाएं तेज हो गई हैं, और राजनीतिक विश्लेषक इसे आगामी चुनावों की राजनीतिक रणनीतियों के संदर्भ में भी देख रहे हैं। वे मानते हैं कि बंगाल में राजनीतिक हिंसा को खत्म करने के लिए सभी पक्षों को शांति और सहिष्णुता के साथ स्थिति का सामना करना होगा।
अभिषेक बनर्जी का यह बयान कि उन्हें मारने की साजिश रची जा रही है, वर्तमान राज्य राजनीति में एक गंभीर चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक दलों से उम्मीद की जा रही है कि वे अपने समर्थकों को संयम बरतने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान करने का संदेश दें।






