News Update: बेंगलुरु में छात्र की संदिग्ध मौत से हड़कंप, कोझिकोड रेलवे स्टेशन का 130 साल पुराना क्लॉक टावर ढहा

बेंगलुरु/कोझिकोड
गुरुवार को कर्नाटक और केरल से सामने आई दो महत्वपूर्ण घटनाओं ने शिक्षा व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। बेंगलुरु के एक स्कूल में 12 वर्षीय छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, केरल के कोझिकोड रेलवे स्टेशन पर 130 वर्ष पुराना ऐतिहासिक क्लॉक टावर अचानक ढह गया। दोनों मामलों में प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और संबंधित अधिकारियों ने निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
बेंगलुरु के बाहरी इलाके कदयारप्पनाहल्ली स्थित एक स्कूल में पढ़ने वाले छठी कक्षा के छात्र की मौत के बाद परिवार ने आरोप लगाया कि स्कूल के फिजिकल एजुकेशन शिक्षक द्वारा कथित मारपीट और अत्यधिक दबाव के कारण बच्चे की जान गई। घटना के बाद बड़ी संख्या में परिजन, अभिभावक और स्थानीय लोग स्कूल तथा अस्पताल परिसर में एकत्र हुए और विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति को देखते हुए पुलिस मौके पर पहुंची। नॉर्थ-ईस्ट डिवीजन के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस ने घटनास्थल का दौरा किया, परिजनों से बातचीत की और भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच कराई जाएगी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
दूसरी ओर, केरल के कोझिकोड रेलवे स्टेशन पर गुरुवार सुबह करीब 11:10 बजे 130 वर्ष पुराना क्लॉक टावर अचानक ढह गया। टावर का मलबा प्लेटफॉर्म नंबर-2 और ओवरहेड बिजली लाइनों पर गिरा। सौभाग्य से उस समय प्लेटफॉर्म पर कोई यात्री मौजूद नहीं था और स्टेशन पर खड़ी कोझिकोड-कन्नूर पैसेंजर ट्रेन भी खाली थी। इस कारण एक बड़ा हादसा टल गया।
घटना के तुरंत बाद रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर प्लेटफॉर्म नंबर-2 और 3 को बंद कर दिया तथा प्रभावित क्षेत्र को पूरी तरह घेरकर लोगों की आवाजाही रोक दी। कुछ ट्रेन सेवाएं भी अस्थायी रूप से प्रभावित हुईं। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में लगातार हो रही भारी बारिश और इमारत की कमजोर होती संरचना को हादसे का संभावित कारण माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, पुरानी इमारत में पहले से दरारें देखी गई थीं और उसकी जर्जर स्थिति को लेकर चेतावनी भी जारी की गई थी।
इस घटना के बाद स्थानीय विधायक ने रेलवे स्टेशन की सभी पुरानी इमारतों का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि रखरखाव में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
फिलहाल दोनों घटनाओं की जांच अलग-अलग एजेंसियों द्वारा की जा रही है। बेंगलुरु मामले में पुलिस जांच रिपोर्ट का इंतजार है, जबकि कोझिकोड में रेलवे प्रशासन तकनीकी जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगा। ये दोनों घटनाएं सार्वजनिक सुरक्षा, संस्थागत जवाबदेही और समय पर रखरखाव की आवश्यकता को एक बार फिर रेखांकित करती हैं।





