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₹4 से ₹100 के करीब पहुंचा NBCC का शेयर, 2200% से ज्यादा रिटर्न; कंपनी को ₹501 करोड़ के नए ऑर्डर, HSCC के विलय को मंजूरी

सरकारी नवरत्न कंपनी NBCC (इंडिया) लिमिटेड एक बार फिर चर्चा में है। कंपनी के निदेशक मंडल ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी HSCC (इंडिया) लिमिटेड के NBCC में विलय (Merger) के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही कंपनी को विभिन्न सरकारी संस्थानों से ₹501.45 करोड़ के नए कार्य आदेश (वर्क ऑर्डर) भी प्राप्त हुए हैं। इन दोनों घटनाक्रमों के बाद निवेशकों की नजर एक बार फिर NBCC के शेयर पर टिक गई है, जिसने पिछले करीब 14 वर्षों में 2200% से अधिक का रिटर्न दिया है।

स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के अनुसार, NBCC का बोर्ड 14 जुलाई 2026 को हुई बैठक में HSCC के NBCC में विलय की योजना पर सहमत हुआ। यह विलय कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 230 से 232, सेबी (LODR) नियमों तथा अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत “गोइंग कंसर्न” आधार पर किया जाएगा। HSCC स्वास्थ्य क्षेत्र की परियोजनाओं और अस्पताल निर्माण में विशेषज्ञता रखने वाली सरकारी कंपनी है और वर्तमान में NBCC की 100 प्रतिशत स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। कंपनी का मानना है कि इस विलय से परिचालन दक्षता बढ़ेगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा।

NBCC ने यह भी बताया कि उसे राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (PFC) से कुल ₹501.45 करोड़ के नए प्रोजेक्ट मिले हैं। इनमें सबसे बड़ा ऑर्डर ₹430.69 करोड़ का राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद से मिला है। इस परियोजना के तहत राजस्थान के 922 सरकारी स्कूलों में 2,256 विज्ञान प्रयोगशालाओं (फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी) का टर्नकी आधार पर निर्माण किया जाएगा।

इसके अलावा कंपनी को BEL से लगभग ₹60.61 करोड़ का इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (EPC) तथा प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी (PMC) से जुड़ा अनुबंध मिला है। वहीं PFC ने अपनी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) परियोजनाओं के तहत दो प्रोजेक्ट मैनेजमेंट एजेंसी (PMA) अनुबंध NBCC को दिए हैं। इनमें मिजोरम के आइजोल में आधुनिक टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर का निर्माण और गोवा के बांबोलिम स्थित एक स्कूल भवन के दूसरे चरण का निर्माण शामिल है।

NBCC देशभर में सरकारी भवनों, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, पुनर्विकास कार्यों और प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) सहित कई बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर काम करती है। कंपनी की मजबूत ऑर्डर बुक और लगातार मिल रहे सरकारी प्रोजेक्ट्स को इसकी दीर्घकालिक विकास संभावनाओं के लिए सकारात्मक माना जा रहा है।

शेयर बाजार में भी NBCC ने लंबी अवधि के निवेशकों को उल्लेखनीय रिटर्न दिया है। उपलब्ध ऐतिहासिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2012 में कंपनी का शेयर लगभग ₹4.22 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जबकि अब इसका भाव ₹100 के करीब पहुंच चुका है। इस अवधि में शेयर ने 2200% से अधिक का रिटर्न दिया है। इसका अर्थ है कि लंबी अवधि तक निवेश बनाए रखने वाले निवेशकों को उल्लेखनीय लाभ प्राप्त हुआ।

हालांकि, बाजार विशेषज्ञ निवेशकों को यह भी सलाह देते हैं कि किसी भी शेयर में निवेश केवल उसके पिछले प्रदर्शन के आधार पर नहीं करना चाहिए। कंपनी के वित्तीय नतीजे, ऑर्डर बुक, मूल्यांकन, बाजार की स्थिति और व्यक्तिगत निवेश लक्ष्य जैसे सभी पहलुओं का मूल्यांकन करना आवश्यक है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन होता है और पिछला प्रदर्शन भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं देता।

विश्लेषकों का मानना है कि HSCC के विलय और नए सरकारी ऑर्डरों से NBCC की परिचालन क्षमता और परियोजना निष्पादन में मजबूती आ सकती है। आने वाले समय में निवेशकों की नजर कंपनी के आगामी तिमाही नतीजों, ऑर्डर बुक की वृद्धि और इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति पर रहेगी।

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