उत्तर प्रदेश

दावा है ‘विश्वगुरु’ बनने का, लेकिन कोई भी परीक्षा ईमानदारी से पास नहीं कर सकता: राहुल का सरकार पर ताजा हमला

नई दिल्ली। कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की कड़ी आलोचना की है। पार्टी के संचार प्रमुख जैराम रमेश ने कहा है कि शिक्षा क्षेत्र में हो रही अनियमितताओं और मंत्री की कथित भूमिका को लेकर मामले की जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच होनी चाहिए। उन्होंने मंत्री से इस्तीफा देने की भी मांग की है।

जैराम रमेश ने कहा कि शिक्षा नीतियों और स्कीमों में पारदर्शिता और जवाबदेही का अभाव है। कई शिकायतें सामने आई हैं जिनमें शिक्षा मंत्री के कथित दखलअंदाजी से राष्ट्रीय शिक्षा तंत्र प्रभावित हुआ है। इससे देश के विद्यार्थियों और शिक्षा की गुणवत्ता को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने केंद्र सरकार से तत्काल मामले की गहराई से जांच कराने और दोषियों को सजा दिलाने की अपील की।

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद का दुरुपयोग कर कुछ आर्थिक और प्रशासनिक फैसले ऐसे लिए हैं, जिनसे शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार बढ़ा है। पार्टी का कहना है कि इस तरह की घटनाएं सरकार की छवि को धूमिल करती हैं और देश की शिक्षा नीति की गंभीरता पर सवाल उठाती हैं।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब शिक्षा ही खराब स्थिति में है तो देश का भविष्य अधर में है। उन्होंने केंद्र सरकार से शिक्षा क्षेत्र में सुधार की योजना पर पुनर्विचार करने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का आग्रह किया है। अतिरिक्त रूप से, पार्टी ने न्यायपालिका और जांच एजेंसियों से अपील की है कि वे निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करें।

इस बीच, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस के आरोपों को नकारते हुए कहा है कि वे बेबुनियाद और राजनीतिक प्रेरित बयानबाजी कर रहे हैं। मंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में कई सुधार किए हैं और वैश्विक स्तर पर देश की छवि को बेहतर बनाया है। उन्होंने कहा कि कोई भी जांच हो तो वे पूरी तरह से सहयोग करेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा क्षेत्र में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप आम बात हो गई है, लेकिन इस मामले में वस्तुनिष्ठ और निष्पक्ष जांच ही समस्या का समाधान निकाल सकती है। देश के लाखों विद्यार्थी इसी बात पर नजर बनाए हुए हैं कि उनकी शिक्षा नीति और व्यवस्था में सुधार कब और कैसे आएगा।

कांग्रेस की यह मांग और भाजपा सरकार की प्रतिक्रिया दोनों ही राजनीतिक महत्व के विषय हैं और आने वाले दिनों में इसका व्यापक प्रभाव दिख सकता है।

Source

Related Articles

Back to top button