बिहार

डब्ल्यूएचओ प्रमुख इबोला महामारी के केंद्र इतुरी प्रांत पहुंचे

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस हाल ही में डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो के पूर्वी हिस्से में स्थित इटुरी प्रांत पहुंचे हैं। यह क्षेत्र वर्तमान में तेजी से फैल रहे ईबोला वायरस के प्रकोप का केंद्र बना हुआ है। उनकी यह यात्रा स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा महामारी को नियन्त्रित करने के प्रयासों को मजबूती देने के मकसद से की गई है।

डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो के स्वास्थ्य मंत्रालय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने मिली-जुली कोशिशों के साथ इस घातक वायरस का सामना करने का काम तेज़ कर दिया है। WHO प्रमुख का मानना है कि यह सहायता स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने और रोग के प्रसार को रोकने के लिए निर्णायक साबित होगी।

ईबोला वायरस, जो कि बेहद संक्रामक और जानलेवा साबित हो सकता है, अभी तक कांगो के कई इलाकों में फैल चुका है, जिससे हजारों लोगों की जान जाने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय प्रशासन ने गति पकड़ते संक्रमण को रोकने के लिए संक्रमितों की पहचान, अलगाव और टीकाकरण के व्यापक अभियान शुरू किए हैं। WHO की मदद से इन प्रयासों का दायरा बढ़ाया जा रहा है।

WHO महानिदेशक टेड्रोस ने इस अवसर पर कहा कि ‘हम सभी संसाधनों का उपयोग करते हुए इस महामारी को जल्द से जल्द नियंत्रण में लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमें तुरंत और प्रभावशाली कार्रवाई करनी होगी ताकि और लोगों को सुरक्षित रखा जा सके।’

हालांकि स्थिति अभी भी गंभीर है, लेकिन सरकार और WHO के संयुक्त प्रयासों से उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही ईबोला के प्रकोप को रोकना संभव होगा। स्थानीय समुदायों को जागरूक करने के लिए भी अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि वे बचाव के उपायों को समझ सकें और संक्रमण से बच सकें।

विशेषज्ञों का कहना है कि चीन, यूएसए, और अन्तरराष्ट्रीय संगठन भी इस प्रयास में सहयोग प्रदान कर रहे हैं। वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए यह सहयोग अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि वायरल बीमारियां सीमाओं को पहचानती नहीं हैं।

आगे की रणनीतियों में टीकाकरण कार्यक्रम को व्यापक बनाना, रोगियों के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना और निगरानी तंत्र को मजबूत करना शामिल है। WHO और स्थानीय प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से उम्मीद है कि ईबोला का नियंत्रण जल्द ही संभव होगा और इस क्षेत्र में स्वास्थ्य का स्तर सुधरेगा।

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