क्या भारत NEET के कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) प्रारूप के लिए तैयार है

नई दिल्ली: हाल के वर्षों में कंप्यूटर आधारित टेस्टिंग (CBT) प्रणाली ने परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लेकिन क्या भारत की कमजोर आधारभूत संरचना और भंगुर कार्यान्वयन मॉडल देश को NEET जैसे महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षा में CBT प्रारूप के लिए पूरी तरह तैयार कर पाते हैं? विशेषज्ञों की राय इस विषय में विभाजित है।
टेक्नोलॉजी की प्रगति और डिजिटल उपकरणों की उपलब्धता ने शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाए हैं, लेकिन यह बदलाव तब तक सार्थक नहीं हो सकते जब तक कि मौलिक संसाधनों और उचित क्रियान्वयन सुनिश्चित न हो। NEET के कंप्यूटर आधारित प्रारूप को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए परीक्षा केंद्रों में आधुनिक कंप्यूटर उपकरण, तेज और स्थिर इंटरनेट कनेक्शन, और प्रशिक्षित प्रबंधकों की आवश्यकता होती है। कई इलाकों विशेषकर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में यह बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर काफी कमजोर है, जिससे छात्रों को समान अवसर प्रदान करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
शिक्षा विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा है कि केवल तकनीक उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है। टेक्नोलॉजी का सही क्रियान्वयन और प्रशिक्षण भी आवश्यक है। यदि प्रबंधन और आयोजन में त्रुटियां रही तो परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी और छात्रों के हितों को नुकसान पहुंच सकता है। इस संदर्भ में, शिक्षा विभाग को न केवल तकनीकी सुधारों का समुचित निवेश करना चाहिए बल्कि मानव संसाधन की दक्षता और परीक्षा संचालन प्रक्रियाओं को भी सुदृढ़ करना चाहिए।
इसके अतिरिक्त, छात्रों को भी कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली के लिए पूर्वाभ्यास का पर्याप्त मौका दिया जाना चाहिए, ताकि वे परीक्षा के वास्तविक माहौल से परिचित हो सकें। यह पहल उनकी मानसिक स्थिति को स्थिर रखने और प्रदर्शन को बेहतर बनाने में मद्द करेगी।
सरकारी अधिकारी और नीति निर्माता ने भी माना है कि देश में अभी तकनीकी आधारभूत संरचना में व्यापक अंतर है और इसे दूर करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में उठाए गए कदम अच्छे संकेत हैं, लेकिन अभी लंबा रास्ता तय करना बाकी है। इसे लेकर सभी हितधारकों की सहभागिता और भूमिका अहम होगी।
संक्षेप में, भारत के लिए NEET परीक्षा का कंप्यूटर आधारित प्रारूप समय की मांग है, लेकिन इसकी सफलता ठोस तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर, व्यापक प्रशिक्षण और समन्वित प्रयासों पर निर्भर करती है। तभी हम सुनिश्चित कर सकते हैं कि देश के सभी छात्र समान अवसरों के साथ उच्च गुणवत्ता वाली परीक्षा प्रक्रिया का अनुभव कर सकें।





