उत्तर प्रदेश में एक और एनकाउंटर: गोरखपुर के इनामी भानु प्रताप सिंह का STF मुठभेड़ में निधन

अयोध्या। रविवार देर रात उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और एक इनामी बदमाश के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें गोरखपुर के विधनापार निवासी 38 वर्षीय भानु प्रताप सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल उपचार के लिए अयोध्या मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों ने इस मुठभेड़ की पुष्टि की है और बताया कि सिंह के खिलाफ कुल 40 मुकदमे दर्ज थे, जिनमें हत्या, लूट और रंगदारी जैसी संगीन धाराएं शामिल हैं।
आजमगढ़ पुलिस ने एक लाख रुपये का रख रखा था इनाम
एसटीएफ के अपर पुलिस महानिदेशक अमिताभ यश ने बताया कि भानु प्रताप सिंह पर आजमगढ़ पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके अलावा आंबेडकर नगर पुलिस ने 50 हजार और गोरखपुर पुलिस ने 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। एसटीएफ की प्रयागराज इकाई को भानु प्रताप के अयोध्या में होने की सूचना मिली थी। जब पुलिस ने उसे पकड़ने की कोशिश की तो उसने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई।
मुठभेड़ में घायल हुआ था, अस्पताल में हो गई मौत
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में भानु प्रताप सिंह को गोली लगी और वह घायल हो गया। एसटीएफ ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया लेकिन वक्त रहते उसका इलाज संभव नहीं हो सका। पुलिस ने बताया कि वह वर्षों से अपराध की दुनिया में सक्रिय था और विभिन्न मामलों में उसकी काफी प्रसिद्धि थी।
एसटीएफ और स्थानीय पुलिस बल द्वारा इस मुठभेड़ को कानून व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया जा रहा है क्योंकि भानु प्रताप सिंह अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को चुनौती देता था। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि अपराध मुक्त उत्तर प्रदेश की दिशा में कदम बढ़ाए जा सकें।
यह मुठभेड़ प्रदेश में अपराध नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है, जिससे क्षेत्र के लोग राहत महसूस कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार आगे भी ऐसी कार्रवाईयां जारी रहेंगी ताकि कानून व्यवस्था बनाए रखी जा सके।





