एपी ने पीएम श्री फंड उपयोग में देश में की शीर्ष स्थान की प्राप्ति, कहा मानव संसाधन विकास मंत्री नारा लोकेश

अमरावती: मानव संसाधन विकास मंत्री नारा लोकेश ने अधिकारियों को कादपा मॉडल पर स्मार्ट किचन बनाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि तल्लिकी वंदनम कार्यक्रम के तहत अनाथ बच्चों को दिए जाने वाले लाभों का विस्तार किया जाए ताकि उनकी सहायता बढ़ सके।
मंत्री लोकेश ने अधिकारियों के साथ बैठक में यह स्पष्ट किया कि स्मार्ट किचन निर्माण से न केवल सार्वजनिक भोजन की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि इससे संसाधनों का भी प्रभावी उपयोग सुनिश्चित होगा। उन्होंने कादपा के सफल मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे पूरे राज्य में लागू करने की आवश्यकता है, जिससे अन्य जिलों में भी बेहतर परिणाम प्राप्त हो सकें।
तल्लिकी वंदनम योजना पर चर्चा करते हुए मंत्री ने कहा कि यह पहल अनाथ बच्चों के कल्याण के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि इस योजना के दायरे को बढ़ाकर और अधिक अनाथ बच्चों को लाभान्वित किया जाए। इससे बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण की स्थिति में सुधार होगा और वे सामाजिक रूप से सशक्त बनेंगे।
इस अवसर पर, मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि हर बच्चे को समान अवसर मिले और वह विकास के मुख्य धारा में शामिल हो। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट रूप से कहा कि कार्यक्रमों का लक्ष्य सिर्फ कागज पर सीमित न रहे, बल्कि जमीन पर उसका असर स्पष्ट रूप से नज़र आए।
सरकारी अधिकारियों ने बताया कि स्मार्ट किचन परियोजना में नवीनतम तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा जिससे ऊर्जा की बचत हो सके और भोजन की गुणवत्ता सर्वोत्तम बनी रहे। वहीं, तल्लिकी वंदनम के तहत अनाथ बच्चों को शिक्षा, पोषण और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति विशेष ध्यान दिया जाएगा।
एपी सरकार ने पहले ही पीएम श्री योजना के तहत फंड का प्रभावी उपयोग करते हुए कई सफल पहल की हैं। इस संदर्भ में, मंत्री ने पूरे सिस्टम को प्रेरित करते हुए कहा कि फंड का सही और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित होना चाहिए ताकि योजनाएं जनता के जीवन में बदलाव ला सकें।
इस प्रकार, कादपा मॉडल आधारित स्मार्ट किचन निर्माण और तल्लिकी वंदनम के दायरे का विस्तार अनाथ बच्चों के लिए एक नई उम्मीद के रूप में उभरेगा। यह कदम निश्चित रूप से समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान में मील का पत्थर साबित होगा।






