बिहार

इजनाबी एकजुटता के पीछे छिपी ईरान के नेताओं के बीच गहरी दरारें

तेहरान, 27 अप्रैल: ईरान के राजनीतिक गलियारे में अयातुल्ला मोज़ताबा खामेनी की अनुपस्थिति ने देश के नेतृत्व के असली चेहरे को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में हुए एक अंतिम संस्कार के मौके पर क्षणिक एकजुटता का प्रदर्शन हुआ, लेकिन इसके पीछे नेताओं के बीच गहरे दरारों का पता चलता है।

राष्ट्रव्यापी राजनीतिक स्थिरता की चाह रखने वाले ईरानी आम नागरिक इस वैचारिक विभाजन से चिंतित हैं। मोज़ताबा खामेनी, जो देश के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनी के पुत्र हैं, पिछले कुछ महीनों से राजनीतिक मंच से काफी हद तक गायब रहे हैं। उनकी गैरमौजूदगी ने ईरान के अंदर सत्ता के असली स्वामी को लेकर कयासों को बढ़ावा दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मोज़ताबा की अनुपस्थिति ने राजनीतिक टकराव को और गहरा किया है, जिससे सरकार के भीतर विभिन्न गुट खुलेआम अपनी शक्तियां दिखाने लगे हैं। यह स्थिति इरानी जनता के लिए चिंता का विषय बनी हुई है क्योंकि इससे देश की आंतरिक और बाहरी नीतियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

ईरानी राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह भेदभाव केवल एक अंतिम संस्कार के दौरान दिखाई देने वाली एकजुटता के वक्तव्य से नहीं समझा जा सकता। यह केवल एक नजराना है जो गहरी राजनीतिक मतभेदों के बीच लोक दिखावा बनाता है।

आर्थिक संकट, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध और आंतरिक राजनीतिक अस्थिरता की पृष्ठभूमि में यह सत्ता संघर्ष ईरान के भविष्य की दिशा के लिए चिन्ता का विषय है। राजनीतिक पार्टियों और धार्मिक नेताओं के बीच मतभेद कम होने की जगह तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे आम जनता को अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है।

इस बीच, सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है जो इन फटकों को पाटने का कोई तरीका सुझाए। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ये विभिन्न गुट अपने मतभेदों को नहीं सुलझा पाते हैं, तो इससे ईरानी राजनीतिक प्रणाली की स्थिरता को गंभीर खतरा हो सकता है।

इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि ईरान की राजनीतिक ताकतें भले ही कभी-कभी सार्वजनिक मंच पर एकजुट नजर आती हों, पर उनके पीछे की ताकतें पूरी तरह से विभाजित और अधर में हैं।

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