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अमेरिका के 15 राज्यों में मौसम का कहर, जंगलों की आग और बाढ़ से जनजीवन प्रभावित; ट्रंप ने कनाडा को दी टैरिफ की चेतावनी

वॉशिंगटन डीसी, अमेरिका

अमेरिका इन दिनों भीषण प्राकृतिक आपदाओं की दोहरी मार झेल रहा है। देश के पूर्वी हिस्से में ग्रेट लेक्स क्षेत्र से लेकर राजधानी वॉशिंगटन डीसी तक करीब 15 राज्य लगातार तीसरे दिन जंगलों की भीषण आग, घने धुएं और खराब वायु गुणवत्ता से जूझ रहे हैं। वहीं, दक्षिणी राज्यों में भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति बनी हुई है, जबकि पश्चिमी अमेरिका में जंगलों की आग तेजी से फैल रही है। इन हालात ने लाखों लोगों का जनजीवन प्रभावित कर दिया है और प्रशासन ने कई इलाकों में लोगों को घरों के भीतर रहने की सलाह जारी की है।

अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार को देशभर में जंगलों में आग लगने की 68 नई घटनाएं दर्ज की गईं। आग पर काबू पाने के लिए हजारों दमकलकर्मी लगातार अभियान चला रहे हैं, लेकिन तेज हवाओं और शुष्क मौसम के कारण स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। आग बुझाने के लिए लगभग 17,400 फायरफाइटर्स, 140 हेलीकॉप्टर और अमेरिकी सेना के चार सी-130 एयर टैंकरों की मदद ली जा रही है।

जंगलों की आग से उठने वाला धुआं सैकड़ों किलोमीटर दूर तक फैल चुका है, जिससे पूर्वी अमेरिका के कई शहरों में वायु गुणवत्ता बेहद खराब हो गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। कई क्षेत्रों में लोगों से अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने और मास्क का उपयोग करने की अपील की गई है।

दूसरी ओर, अमेरिका के दक्षिणी हिस्सों में लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। सड़कें जलमग्न हैं, निचले इलाकों में पानी भर गया है और राहत एवं बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटे हैं। पश्चिमी राज्यों में भीषण गर्मी और सूखे के कारण जंगलों की आग तेजी से फैल रही है, जिससे हालात और गंभीर हो गए हैं।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष अब तक लगभग 37 करोड़ एकड़ क्षेत्र जंगलों की आग से प्रभावित हो चुका है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बढ़ता तापमान, लंबे समय तक पड़ने वाला सूखा और जलवायु परिवर्तन जैसी परिस्थितियां इस तरह की घटनाओं को और गंभीर बना रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौसम में जल्द सुधार नहीं हुआ तो आग और धुएं का दायरा और बढ़ सकता है।

इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए अतिरिक्त टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है। ट्रंप ने आरोप लगाया कि कनाडा अपने जंगलों का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने में विफल रहा है, जिसके कारण वहां से उठने वाला धुआं अमेरिका के कई हिस्सों तक पहुंच रहा है। उन्होंने इस धुएं को “गंदी, प्रदूषित और अस्वास्थ्यकर हवा” बताते हुए कहा कि इससे अमेरिकी नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है।

प्राकृतिक आपदाओं और राजनीतिक बयानबाजी के बीच अमेरिका के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य तेज करना, जंगलों की आग पर नियंत्रण पाना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई इलाकों में जोखिम बने रहने की आशंका जताई है, जिससे प्रशासन सतर्क बना हुआ है।

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