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क्रिकेट जगत को बड़ा झटका, महान ऑलराउंडर सर गैरी सोबर्स का निधन; एक ओवर में छह छक्के लगाने वाले पहले बल्लेबाज थे

ब्रिजटाउन, बारबाडोस

विश्व क्रिकेट के सबसे महान ऑलराउंडरों में गिने जाने वाले सर गैरी सोबर्स का 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड ने शुक्रवार को उनके निधन की पुष्टि की। हालांकि, बोर्ड की ओर से उनकी मृत्यु के कारण का आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है। उनके निधन की खबर से क्रिकेट जगत में शोक की लहर दौड़ गई है और दुनिया भर के खिलाड़ी, पूर्व क्रिकेटर तथा प्रशंसक उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

सर गैरी सोबर्स को क्रिकेट इतिहास के सबसे संपूर्ण खिलाड़ियों में माना जाता है। उन्होंने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग—तीनों विभागों में अपनी असाधारण प्रतिभा का प्रदर्शन किया। अपने शानदार करियर के दौरान उन्होंने वेस्टइंडीज को कई ऐतिहासिक जीत दिलाईं और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कई ऐसे रिकॉर्ड बनाए, जिन्हें आज भी सम्मान के साथ याद किया जाता है।

गैरी सोबर्स का नाम क्रिकेट इतिहास में उस खिलाड़ी के रूप में हमेशा दर्ज रहेगा, जिन्होंने पहली बार किसी प्रथम श्रेणी मैच के एक ओवर की सभी छह गेंदों पर लगातार छह छक्के लगाने का ऐतिहासिक कारनामा किया। उन्होंने वर्ष 1968 में इंग्लैंड के ग्लैमॉर्गन के गेंदबाज मैल्कम नैश के एक ओवर में लगातार छह छक्के जड़कर पूरी दुनिया को चौंका दिया था। बाद के वर्षों में भारत के रवि शास्त्री और युवराज सिंह सहित कई बल्लेबाजों ने इस उपलब्धि को दोहराया, लेकिन इस रिकॉर्ड की शुरुआत सोबर्स ने ही की थी।

सर गैरी सोबर्स का जन्म एक अनोखी शारीरिक स्थिति के साथ हुआ था। उनके दोनों हाथों में कुल 12 उंगलियां थीं। जन्म के कुछ समय बाद अतिरिक्त उंगलियों को शल्य चिकित्सा के जरिए हटा दिया गया। यह तथ्य उनके जीवन से जुड़ी सबसे चर्चित और रोचक बातों में से एक माना जाता है।

अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में सोबर्स ने 93 टेस्ट मैच खेलते हुए 8,032 रन बनाए, जिसमें 26 शतक और 30 अर्धशतक शामिल रहे। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 235 विकेट भी लिए और अपनी बेहतरीन फील्डिंग से 109 कैच लपके। लंबे समय तक उनका 365 रन का व्यक्तिगत सर्वोच्च टेस्ट स्कोर विश्व रिकॉर्ड भी रहा।

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि सर गैरी सोबर्स केवल एक महान खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि क्रिकेट के इतिहास को नई दिशा देने वाले दिग्गज थे। उनके निधन से विश्व क्रिकेट ने एक ऐसी शख्सियत को खो दिया है, जिसकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहेंगी। उनकी विरासत और खेल के प्रति उनका योगदान हमेशा क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में जीवित रहेगा।

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