कुमार शंकर बने इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड के नए प्रबंध निदेशक

नई दिल्ली: इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने अपने प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। कुमार शंकर को कंपनी का नया प्रबंध निदेशक (MD) नियुक्त किया गया है। वे कमल किशोर चटिवाल की जगह लेंगे, जिन्हें उनकी मूल कंपनी गैल इंडिया (GAIL) में पुनर्वासित किया जाएगा।
कुमार शंकर के इस पद संभालने को कंपनी और ऊर्जा क्षेत्र में एक स्वागत योग्य कदम माना जा रहा है। शंकर के पास ऊर्जा और गैस क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है, जो इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड के विकास और विस्तार में सहायक सिद्ध होगा। उनकी नियुक्ति से कंपनी की रणनीतिक योजनाओं को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड, जो कि दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में प्राकृतिक गैस की आपूर्ति करती है, पिछले कुछ वर्षों में लगातार अपनी सेवाओं और वितरण नेटवर्क का विस्तार कर रही है। कुमार शंकर का नेतृत्व इस विस्तार को और समृद्ध बनाएगा, जिससे उपभोक्ताओं को बेहतर और प्रतिस्पर्धी मूल्य पर ऊर्जा उपलब्ध कराई जा सकेगी।
कमल किशोर चटिवाल ने अपने कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का सफल कार्यान्वयन सुनिश्चित किया। उनकी गैल इंडिया वापसी से हितधारकों को उम्मीद है कि वे वहां भी अपने अनुभव और कुशल नेतृत्व से योगदान देंगे।
गैल इंडिया के प्रवक्ता ने बताया कि “कुमार शंकर की नियुक्ति से इंद्रप्रस्थ गैस को नई ऊर्जा मिलेगी। दोनों कंपनियों के बीच मजबूत सहयोग जारी रहेगा और इससे स्वच्छ ऊर्जा के प्रचार-प्रसार में और तेजी आएगी।”
कुमार शंकर का अनुभव और नेतृत्व क्षमता इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करने में मदद करेगा, जिससे प्राकृतिक गैस के प्रोत्साहन पर ज़ोर दिया जा सकेगा और सतत विकास के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकेगा।
इस नियुक्ति के बाद, ऊर्जा क्षेत्र में क्या नई पहल होंगी और इंद्रप्रस्थ गैस की रणनीति में क्या परिवर्तन आएंगे, इस पर बाजार और विशेषज्ञ नजर बनाए हुए हैं। उद्योग विश्लेषक मानते हैं कि शंकर की नियुक्ति कंपनी के लिए नई अवसरों के द्वार खोलेगी। यह भी उम्मीद की जा रही है कि कंपनी पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा दक्षता के पहलुओं पर और अधिक ध्यान देगी।
निजी और सरकारी ऊर्जा क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, ऐसे में कुमार शंकर का योगदान इंद्रप्रस्थ गैस को एक अग्रणी कंपनी के रूप में स्थापित करेगा। इस बदलाव से न केवल कंपनी के परिचालन में मजबूती आएगी, बल्कि उपभोक्ताओं को भी बेहतर सेवाएं प्राप्त होंगी।





