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भारतीय कंपनियों को $1 ट्रिलियन निर्यात लक्ष्य हासिल करने के लिए अपनी सहजता से बाहर निकलना होगा: पियुष गोयल

नई दिल्ली: वाणिज्य मंत्री पियुष गोयल ने हाल ही में बोर्ड ऑफ ट्रेड की बैठक में कहा कि भारत का $1 ट्रिलियन निर्यात लक्ष्य बिल्कुल हासिल किया जा सकता है, बशर्ते भारतीय कंपनियां अपनी आरामदायक ज़ोन से बाहर निकल कर नए अवसरों को अपनाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अन्य देशों की सरकारें और व्यापारी भारत के साथ व्यापार बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं, जिससे निर्यात की संभावनाएं और बढ़ गई हैं।

गोयल ने कहा, “हमारे निर्यातक पहले से बेहतर काम कर रहे हैं, लेकिन हमें अपने दृष्टिकोण में व्यापक बदलाव लाने की जरूरत है। वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा बहुत तीव्र है, और अगर हम $1 ट्रिलियन निर्यात लक्ष्य हासिल करना चाहते हैं, तो हमें नई रणनीतियों, तकनीकों और वैश्विक मांगों के अनुरूप उत्पादों पर ध्यान केंद्रित करना होगा।”

उन्होंने बताया कि सरकार निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं को और बेहतर बनाएगी और छोटे तथा मझोले व्यवसायों (MSMEs) को वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धात्मक बनाने के लिए विशेष कदम उठाएगी। पियुष गोयल ने यह भी कहा कि विभिन्न देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों को और मजबूत करने के प्रयास जारी हैं, जिससे भारतीय उत्पादों की पहुंच बढ़ाई जा सके।

विदेशी व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की निर्यात संभावना बहुत बड़ी है, खासकर कृषि उत्पादों, वस्त्र, इंजीनियरिंग वस्तुओं और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में। लेकिन इसके लिए उत्पादकता बढ़ाने, गुणवत्ता नियंत्रण कड़ी करने और लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाने की आवश्यकता है।

वाणिज्य मंत्री ने प्रतिभागियों को यह भी सुझाव दिया कि वे निर्यात के नए बाजार तलाशें, खासकर अफ्रीका और लैटिन अमेरिका जैसे उभरते हुए देशों में जहां भारत के उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि भारत की ट्रेड पॉलिसी में ऐसे कई बदलाव किए जा रहे हैं, जो निर्यातकों के लिए सरलता और पारदर्शिता लाएंगे।

इस बैठक में उद्योग जगत और निर्यातक संघों के प्रतिनिधि भी शामिल थे, जिन्होंने अपनी तरफ से निर्यात बाधाओं को कम करने और वित्तीय सहायता बढ़ाने की मांग की। गोयल ने उनकी बातों पर ध्यान देते हुए आश्वासन दिया कि सरकार निर्यातकों को हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।

कुल मिलाकर वाणिज्य मंत्री ने अपने भाषण में यह बात दोहराई कि इस महत्वाकांक्षी निर्यात लक्ष्य को हासिल करने के लिए उद्योग जगत का संकल्प और सरकार की नीति एक साथ मिलकर काम करेंगी। इससे न सिर्फ भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी बल्कि देश में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

अर्थशास्त्रियों के अनुसार, $1 ट्रिलियन निर्यात लक्ष्य भारत के आर्थिक विकास में एक नई गति का संकेत है, जिसके लिए सभी हितधारकों को सहयोगात्मक रूप से काम करना होगा। पियुष गोयल के उल्लेख अनुसार, अन्य देशों की आकर्षित प्रवृत्ति हमारे उत्पादों को वैश्विक बाजार में और व्यापक रूप से स्थापित करने का सुनहरा अवसर है।

अंत में, वाणिज्य मंत्री ने निर्यातकों से अपील की है कि वे नवीन तकनीकों को अपनाएं, गुणवत्ता में निरंतर सुधार करें और वैश्विक मांग के अनुसार खुद को तैयार करें, जिससे भारत का व्यापार विश्वस्तरीय बने और निरंतर बढ़ता रहे।

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