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निर्मला सीतारमण ने रुपये के उतार-चढ़ाव को वैश्विक एवं घरेलू कारणों से जोड़ा

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में रुपये के उतार-चढ़ाव पर अपनी टिप्पणियाँ देते हुए कहा कि इस मुद्रा की स्थिति पर वैश्विक और घरेलू दोनों प्रकार के कई कारकों का प्रभाव पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रुपए की मुद्रा दर में बदलाव न केवल अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिदृश्यों से जुड़ा है, बल्कि भारत के आंतरिक आर्थिक और नीतिगत घटनाक्रम का भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान होता है।

निर्मला सीतारमण ने कहा, “रुपये की मजबूती या कमजोरी कई बाहरी घटनाओं का परिणाम होती है जैसे वैश्विक तेल की कीमतें, अमेरिकी डॉलर की स्थिति, डॉलर के मुकाबले अन्य मुद्राओं की चाल, और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निवेशकों के मनोवैज्ञानिक रुझान। इसके अलावा, घरेलू आर्थिक नीतियाँ, विदेशी निवेश की गति, और मौद्रिक प्रबंधन भी रुपये के बदलाव में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।”

उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान वैश्विक आर्थिक संदर्भ में जिन घटनाओं का प्रभाव रुपये पर पड़ा है, उनमें अमेरिका के ब्याज दर निर्णय, रूस-यूक्रेन संघर्ष के प्रभाव, और चीन की आर्थिक गतिविधियां प्रमुख हैं। वित्त मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि भारत की निर्यात-आयात नीतियों में हुए बदलाव और विदेशी पूंजी प्रवाह के पैटर्न ने भी घरेलू मुद्रा बाजार को प्रभावित किया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय रिजर्व बैंक और सरकार द्वारा समय-समय पर मुद्रास्फीति नियंत्रण के लिए उठाए गए कदम भी रुपये की स्थिरता बनाए रखने में सहायक रहे हैं। हालांकि, निरंतर वैश्विक अस्थिरता के कारण भारतीय मुद्रा को छोटे-छोटे उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ता है।

साथ ही, वित्त मंत्री ने निवेशकों और आम जनता को आश्वस्त किया कि सरकार आर्थिक मजबूती बनाए रखने के लिए हर आवश्यक कदम उठा रही है तथा उचित नीतियों के माध्यम से रुपये की स्थिति को सुधारने का प्रयास जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि समय-समय पर वैश्विक और घरेलू आर्थिक विकास को देखते हुए नीतिगत समायोजन किये जाएंगे, ताकि आर्थिक स्थिरता और विकास को बढ़ावा मिले।

समापन में, निर्मला सीतारमण ने कहा कि रुपये के उतार-चढ़ाव को केवल एक आर्थिक संकेतक के रूप में देखा जाना चाहिए, जिसे वैश्विक आर्थिक तनाव और अवसरों के संदर्भ में समझना जरूरी है। उन्होंने सभी हितधारकों से धैर्य बनाए रखने और अर्थव्यवस्था के दीर्घकालिक उद्देश्य पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।

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