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रुपया 5 पैसे की बढ़त के साथ 94.53 पर बंद हुआ, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले

मुंबई, 27 अप्रैल 2024: भारतीय रुपया पिछले तीन ट्रेडिंग सत्रों में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 132 पैसे की बढ़त दर्ज करने के बाद शुक्रवार को 5 पैसे की मामूली तेजी के साथ 94.53 के स्तर पर बंद हुआ। इस वृद्धि ने विदेशी मुद्रा बाजार में निवेशकों और व्यापारियों के बीच उम्मीदों को पुनर्जीवित किया है।

एनआरसी बैंक व फाइनेंशियल एनालिस्ट रजनीश शर्मा ने बताया कि डॉलर की कमजोर स्थिति और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने रुपये को मजबूती प्रदान की है। इसके साथ ही, भारत के निर्यातकों ने भी विदेशी मुद्रा की मांग बढ़ाई, जिससे मुद्रा बाजार में सक्रियता आई।

पिछले तीन दिनों में रुपया 132 पैसे की उल्लेखनीय बढ़त लेने में सफल रहा है, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था में सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। इसके वजहों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की कमजोरी, विदेशी निवेशकों का भारतीय बाजार में रुचि लेना और सरकार द्वारा चालू आर्थिक नीतियाँ शामिल हैं।

हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अस्थिरता और बढ़ती मुद्रास्फीति की चुनौतियों के कारण रुपया आगे भी उतार-चढ़ाव का सामना कर सकता है। एमडी नीतिगत सलाहकार सीमा कटारिया ने कहा, “रुपया की कमजोरी या मजबूती पर अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां प्रभाव डालती हैं, इसलिए निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है।”

विकासशील देशों के विदेशी मुद्रा बाजार में आये उतार-चढ़ाव के बीच, भारतीय रुपया ने अपनी स्थिति मजबूत करने की पूरी कोशिश की है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी कुछ हफ्तों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठकों के परिणाम और वैश्विक ऊर्जा मांग की स्थिति रुपये की गति को निर्धारित करेगी।

बैंकिंग सेक्टर में कार्यरत अरविंद सिंह ने बताया, “रुपये की स्थिरता के लिए निर्यातकों का समर्थन और विदेशी निवेश आकर्षित करना महत्वपूर्ण होगा।” उनकी राय में, सरकार की आर्थिक नीतियों में निरंतर सुधार से देश की मुद्रा प्रणाली में स्थिरता आएगी।

इस प्रकार, रुपए की इस तरह की बढ़त भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन बाजार में गंभीर वैश्विक चुनौतियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। आने वाले दिनों में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा ताकि भारतीय मुद्रा की स्थिति पर बेहतर पूर्वाभास किया जा सके।

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