केंद्र ने ई-रिक्शा बंद करने वाले बैटरी मैनेजमेंट ऐप्स को बैन करने का आदेश दिया

केंद्र सरकार ने देश भर में ई-रिक्शा चालकों को अपनी सेवा से वंचित करने वाले बैटरी मैनेजमेंट ऐप्स को बैन करने का आदेश जारी किया है। ये ऐप्स मुख्य रूप से चीनी कंपनियों द्वारा विकसित किए गए हैं जो लिथियम-आयन बैटरियों का प्रबंधन करते हैं। हाल ही में उज्जैन में इस तकनीक के जरिए एक वसूली की घटना भी सामने आई है, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता बढ़ी है।
रिपोर्ट के अनुसार, इन ऐप्स के माध्यम से ई-रिक्शा की बैटरियों को दूरस्थ रूप से बंद किया जा सकता है। इसका दुरुपयोग कर कुछ असामाजिक तत्वों ने चालकों से जबरन पैसे वसूलने की घटनाएं भी सामने आई हैं। उज्जैन में एक मामले में, कुछ शातिरों ने इस तकनीक का इस्तेमाल करते हुए चालक को धमकाया और पैसे मांगे। यह घटना स्थानीय पुलिस के संज्ञान में आने के बाद जांच की जा रही है।
सरकार ने चेतावनी दी है कि ऐसे ऐप्स जो देश की सुरक्षा और आम जनता की सुविधा के लिए खतरा उत्पन्न करते हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से ब्लॉक किया जाएगा। मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिए हैं कि वे इस प्रकार के ऐप्स की पहचान कर उन्हें हटाने में सहयोग करें। साथ ही ई-रिक्शा चालकों को भी सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि लिथियम-आयन बैटरी प्रबंधन को डिजिटलाइजेशन के माध्यम से बेहतर बनाया जाना आवश्यक है, परंतु इसमें गोपनीयता और सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है। इसके लिए घरेलू तकनीकों का विकास और प्रयोग बढ़ाने की भी सलाह दी जा रही है।
केंद्र सरकार की यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है और देश में हरित ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा रहा है। ई-रिक्शा चालक और यात्री दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले नियमों का सख्ती से पालन किया जाना आवश्यक हो गया है।
उज्जैन में हुई वसूली की घटना के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि तकनीक का दुरुपयोग रोकने के लिए कड़े कानून और निगरानी प्रणाली अपनाना अनिवार्य है। सरकार की आगामी नीति में इस दिशा में सुधार और नियंत्रण उपायों को शामिल करने की संभावना है।
इस प्रकार, केंद्र सरकार द्वारा बैटरी मैनेजमेंट ऐप्स को ब्लॉक करने का यह कदम, ई-रिक्शा चालकों की सुरक्षा और तकनीकी दुरुपयोग को रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।






