आयरलैंड को ईयू-भारत मुक्त व्यापार समझौते के वर्ष अंत तक संपन्न होने की उम्मीद: आयरिश राजदूत केविन केली

ईयू-भारत मुक्त व्यापार समझौते के अंतिम चरण को लेकर आशावाद बढ़ा
नई दिल्ली: इस वर्ष जनवरी में यूरोपीय संघ (EU) और भारत के बीच मुक्त व्यापार समझौता (FTA) को अंतिम रूप दिया गया था, लेकिन अभी इसकी आधिकारिक अंतिम मंजूरी शेष है। आयरिश राजदूत केविन केली ने बताया है कि आयरलैंड इस महत्वपूर्ण समझौते के वर्ष के अंत तक संपन्न होने की दृष्टि से काफी आशान्वित है।
केविन केली ने अपनी हालिया प्रेस वार्ता में कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापारिक सहयोग को मजबूत करने के लिए यह समझौता बेहद अहम है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समझौते की अंतिम प्रक्रिया में अभी कुछ औपचारिकताएं बाकी हैं, जिनके पूरे होते ही दोनों पक्ष इसे लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाएंगे।
ईयू-भारत एफटीए व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने, दोनों क्षेत्रों के बीच कस्टम्स प्रक्रियाओं को सरल बनाने और विविध क्षेत्रों में नियामकीय बाधाओं को दूर करने जैसे कई महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल करता है। इसका उद्देश्य दोनों पक्षों के लिए बाजार तक बेहतर पहुंच प्रदान करना और आर्थिक सहयोग को नई ऊँचाइयों तक ले जाना है।
आयरलैंड, जो यूरोपीय संघ का एक प्रमुख सदस्य है, इस समझौते को लेकर काफी उत्साहित है। आयरिश राजदूत ने कहा कि इससे आयरिश व्यवसायों को भारतीय बाजारों में निवेश और व्यापार के अवसर बढ़ेंगे। कृषि, रसद, सूचना प्रौद्योगिकी, और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौते से दोनों पक्षों को आर्थिक वृद्धि में मदद मिलेगी। इसके साथ ही व्यापारिक नियमों की स्पष्टता और स्थिरता व्यापारियों के लिए नई संभावनाएं खोलती है।
फिलहाल, दोनों पक्ष समझौते को अंतिम रूप देने के लिए तकनीकी और कानूनी सलाहकारों के साथ निरंतर संवाद कर रहे हैं। भारतीय वाणिज्य मंत्रालय ने इस दिशा में की जा रही प्रगति के प्रति संतोष व्यक्त किया है।
आयरलैंड के राजदूत केविन केली की यह भावना कि समझौता जल्द सकारात्मक परिणाम देगा, ईयू-भारत के बीच आर्थिक और राजनीतिक रिश्तों को और मजबूती प्रदान करेगी। यह कदम दोनों क्षेत्रों की साझेदारी को भविष्य में नई दिशाओं में ले जाने वाला माना जा रहा है।
इस सौदे का अंतिम sealing राजनीतिक प्रक्रियाओं और अनुमोदन के पूरा होने पर निर्भर करता है, लेकिन सभी संकेत इस बात की पुष्टि करते हैं कि 2024 के अंत तक इसे लागू कर दिया जाएगा। इस प्रकार, व्यवसायों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए नए अवसर खुलने की उम्मीद है।






