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महाराष्ट्र में पर्याप्त ईंधन उपलब्धता का सरकार ने दिया आश्वासन, घबराहट में खरीदारी से बचने की अपील

मुंबई। मध्य पूर्व में चल रहे भू-राजनीतिक तनावों के बीच भारत सरकार, महाराष्ट्र सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) बीपीसीएल, आईओसीएल और एचपीसीएल ने शुक्रवार को नागरिकों को भरोसा दिलाया है कि राज्य में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है और आपूर्ति निरंतर जारी है।

महाराष्ट्र राज्य स्तरीय समन्वयक (तेल उद्योग) मिहिर गणेश जोशी ने विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि इस अवधि में गहन कृषि गतिविधियों, मौसमी ग्रामीण मांग और ईंधन की कीमतों में संभावित वृद्धि के डर से जनता में जबरदस्त ईंधन की मांग देखने को मिली है। इसके बावजूद सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने राज्य में निर्बाध ईंधन आपूर्ति बनाए रखी है।

1 से 21 मई 2026 के दौरान, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने महाराष्ट्र में 402 किलोलीटर पेट्रोल और 789 किलोलीटर डीजल की आपूर्ति की। वहीं, 22 से 28 मई के बीच अचानक बढ़ी मांग को पूरा करने के लिए 284 किलोलीटर अतिरिक्त डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित की गई।

कुल मिलाकर 1 से 28 मई के दौरान, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने 527 किलोलीटर पेट्रोल और 1,073 किलोलीटर डीजल राज्य में वितरित किया, जिससे उत्पादों की निर्बाध उपलब्धता को बनाए रखा गया। कीमतों में अंतर के चलते कुछ उपभोक्ता निजी ईंधन विक्रेताओं से हटकर सार्वजनिक क्षेत्र के खुदरा स्टोर की ओर भी बढ़े, जिससे मांग में कुछ बढ़ोतरी देखी गई।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 1 से 21 मई के बीच पेट्रोल की मांग में 18.54 प्रतिशत और डीजल की मांग में 22.30 प्रतिशत वृद्धि हुई। 22 से 28 मई के दौरान पेट्रोल की मांग 13.23 प्रतिशत और डीजल की मांग एक रिकॉर्ड 43.37 प्रतिशत तक बढ़ी। कुल 1 से 28 मई के लिए पेट्रोल की मांग में 17.24 प्रतिशत तथा डीजल की मांग में 27.25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि मांग में इतनी वृद्धि के बावजूद ओएमसी ने पूरे राज्य में ईंधन आपूर्ति को बिना किसी व्यवधान के जारी रखा है। हालांकि कुछ भीतरी इलाकों में मांग और आपूर्ति में असंतुलन देखा गया, लेकिन अधिकांश खुदरा आउटलेट सुचारु रूप से काम कर रहे हैं।

कालाबाजारी व जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए जिला कलेक्टरों को आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत निरीक्षण और प्रवर्तन अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। अब तक 332 छापे मारे गए हैं, जिनमें नौ एफआईआर दर्ज हुई हैं, 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 75,595 लीटर अवैध डीजल तथा 197 लीटर पेट्रोल जब्त किया गया।

सरकार और तेल कंपनियों ने जनता से अपील की है कि वे घबराकर ईंधन की जमाखोरी या अत्यधिक खरीदारी ना करें। सभी संबंधित विभाग राज्य में निर्बाध ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तत्परता से कार्यरत हैं ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

इस घोषणा ने नागरिकों के बीच बढ़ती शंका को कम किया है और भरोसे का माहौल बनाया है कि महाराष्ट्र में ईंधन की कमी नहीं होगी और आपूर्ति बिना रुकावट जारी रहेगी।

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