पुणे जहरीली शराब कांड पर सरकार गंभीर, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी: गिरीश महाजन

पुणे। महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड़ इलाके में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों की घटना ने प्रदेश में हड़कंप मचा दिया है। अब तक 17 से 18 लोगों के मारे जाने की खबर सामने आई है, जिसने सभी को दुःख और चिंता में डाल दिया है। इस गंभीर मामले पर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री गिरीश महाजन ने कहा है कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ पूरी तरह खड़ी है और दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री महाजन ने इस मामले पर बताया कि शुरुआती जांच में यह पता चला है कि जहरीली शराब में मिथेनॉल मिला हुआ था, जो इंसानों के लिए अत्यंत जहरीला होता है। सस्ती शराब मिलने के कारण मजदूर वर्ग के कई लोग इसका सेवन कर बैठे, जिससे यह दुखद घटना घटी। यह मामला केवल शराब पीनें तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे अवैध शराब के कारोबार की एक बड़ी समस्या छिपी हुई है जिसे जल्द से जल्द समाप्त करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों की जान गई, उनके परिवारों को आर्थिक सहायता देने का भी निर्णय लिया गया है। राज्य सरकार की ओर से पांच लाख रुपये और नगर निगम की तरफ से एक लाख रुपये की मदद प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त स्थानीय विधायक ने परिवारों के लिए नौकरी भी देने का प्रयास शुरू किया है ताकि वे इस कठिन समय में आर्थिक स्थिरता प्राप्त कर सकें।
इस पूरे मामले की जांच अब महाराष्ट्र पुलिस की क्राइम इंस्पेक्शन डिपार्टमेंट (CID) को सौंप दी गई है और दोषियों को तुरंत पकड़ने का काम शुरू कर दिया गया है। कई पुलिस अधिकारियों और आबकारी विभाग के कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है, जिनकी इस मामले में जिम्मेदारी मानी जा रही है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि जांच के पूरा होते ही दोषियों के खिलाफ अपराधिक कार्रवाई होगी।
मंत्री गिरीश महाजन ने मुख्यमंत्री के आदेश का हवाला देते हुए बताया कि राज्य में अवैध शराब के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जाएगा। किसी भी क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यदि कहीं ऐसा पाया गया तो संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी, चाहे वे कितना भी उच्च पद पर क्यों न हों।
वहीं, इस घटनाक्रम को लेकर विपक्षी दलों ने भी सरकार पर तीखा निशाना साधा है। एनसीपी नेता जितेंद्र आव्हाड ने कहा कि यह महाराष्ट्र के लिए शर्मनाक है और उन्होंने पूर्व में भी इस तरह की घटनाओं के खिलाफ कठोर कदम उठाए थे, जिससे अवैध शराब का धंधा काफी हद तक खत्म हो गया था। लेकिन अब यह समस्या फिर से उभरकर सामने आई है, जो कि चिंता का विषय है।
राज्य सरकार इस संकट से निपटने के लिए त्वरित और सख्त फैसले कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। जनता से भी अपील की गई है कि वे अवैध शराब से दूर रहें और सरकार की सहायता करें। अभी हालात काफी संवेदनशील हैं और हर स्तर पर जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है।






