अंतरराष्ट्रीय

ट्रंप के दबाव का असर! नाटो देशों ने अरबों डॉलर की रक्षा डील का किया एलान, एंटी-ड्रोन सिस्टम पर होगा बड़ा निवेश

अंकारा, तुर्किये।
नाटो (उत्तर अटलांटिक संधि संगठन) के सदस्य देशों ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के साथ होने वाले शिखर सम्मेलन से पहले रक्षा क्षेत्र में बड़े निवेश और हथियार खरीद से जुड़े कई अहम समझौतों की घोषणा की है। इन फैसलों को यूरोप की सुरक्षा पर अधिक खर्च करने की ट्रंप की लंबे समय से चली आ रही मांग के जवाब के रूप में देखा जा रहा है।

तुर्किये की राजधानी अंकारा में आयोजित दो दिवसीय नाटो सम्मेलन में 32 सदस्य देशों के नेताओं ने हिस्सा लिया। सम्मेलन के दौरान नाटो महासचिव मार्क रूट ने रक्षा उद्योग को मजबूत बनाने और आधुनिक सैन्य क्षमताओं के विस्तार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए सदस्य देशों को तेजी से अपनी सैन्य तैयारियों को मजबूत करना होगा।

मार्क रूट ने जानकारी दी कि नाटो के सहयोगी देश अगले पांच वर्षों में एंटी-ड्रोन क्षमताओं के विकास पर 40 अरब डॉलर से अधिक का निवेश करेंगे। उनका कहना था कि आधुनिक युद्ध में ड्रोन और मानव रहित हथियार प्रणालियों की भूमिका लगातार बढ़ रही है, इसलिए इनसे निपटने के लिए अत्याधुनिक तकनीक विकसित करना समय की आवश्यकता बन गया है।

सम्मेलन के दौरान विभिन्न रक्षा परियोजनाओं और हथियार खरीद समझौतों की कुल लागत भी प्रस्तुत की गई। हालांकि प्रत्येक देश द्वारा किए गए अलग-अलग समझौतों का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया, लेकिन यह स्पष्ट किया गया कि इन निवेशों का उद्देश्य नाटो की सामूहिक सुरक्षा क्षमता को और मजबूत बनाना है।

नाटो महासचिव ने रूस के साथ-साथ चीन, उत्तर कोरिया और ईरान के बढ़ते रक्षा खर्च का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर तेजी से बदलते सुरक्षा हालात के बीच नाटो देशों को किसी भी संभावित चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार रहना होगा।

गौरतलब है कि डोनल्ड ट्रंप लंबे समय से यूरोपीय देशों से अपनी रक्षा क्षमताओं पर अधिक खर्च करने की मांग करते रहे हैं। उनका मानना रहा है कि अमेरिका पर सुरक्षा का अत्यधिक वित्तीय बोझ नहीं पड़ना चाहिए और सभी सदस्य देशों को अपनी जिम्मेदारी के अनुसार योगदान देना चाहिए। ऐसे में सम्मेलन से पहले घोषित ये अरबों डॉलर के रक्षा समझौते ट्रंप की नीति के अनुरूप एक महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।

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